गणादेश इंपैक्टः आइएएस विजया जाधव ने दी अनाथ सोमवारी को ममता की छांव
गणादेश अखबार और वेब पोर्टल ने छापी थी अनाथ सोमवारी की मार्मिक तस्वीर और खबर
जमशेदपुर। झारखंड कैडर के आइएएस अफसरों ने मानवता से भरे एक से बढ़कर एक काम किए हैं। गांव को गोद लेकर वहां के लोगों की जिंदगी संवारी है। तो किसी ने युवाओं के भविष्य को गढ़ने का बीड़ा भी उठाया है। अब जमशेदपुर की डीसी विजया जाधव ने भी एक ऐसा ही नेक काम किया है, जिसकी चर्चा हर किसी के जुबां पर हो रही है। उन्होंने एक अनाथ को ममता की छांव दी है। उसका भविष्य गढ़ने का बीड़ा उठाया है। गणादेश वेब पोर्टल और अखबार में गालूडीह की सोमवारी सबर नामक बच्ची की तस्वीर और खबर छपी थी। बच्ची अपनी मां को सोया हुआ समझकर उसके शव के पास रात भर बैठी थी। मृत मां के साथ बच्ची का यह दृश्य देखकर हर आंखें नम हो गई थीं। यह खबर देखने के बाद डीसी विजया जाधव का वात्सल्य प्रेम जागा। उन्होंने अपने कार्यालय बुलाकर छह वर्षीय बच्ची को ढेर सारा प्यार-स्नेह दिया। साथ ही सोमवारी को बैग, किताब, कापी, टिफिन बाक्स, पेंसिल, जूते, चप्पल, 10 सेट स्कूल ड्रेस, अन्य ड्रेस, फल, टाफी, हार्लिक्स, खिलौने आदि भी दिए। सोमवारी का नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, गोलमुरी में नामांकन कराया। इसकी देखभाल के लिए दो पदाधिकारियों को महिला अभिभावक के रूप में नियुक्ति भी की। जो नियमित अंतराल में सोमवारी की शिक्षा व देखभाल के लिए मिलती रहेंगी। डीसी ने कहा कि इस नन्हीं सी उम्र में अनाथ होना तथा देखभाल के लिए कोई अभिभावक नहीं होने पर जिला प्रशासन का दायित्व बनता था कि इसके लिए समुचित उपाय किए जाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मासूम सोमवारी को अब कोई कठिनाई नहीं होगी, इस मासूम के जीवन में खुशियां ही खुशियां आएंगी।

