दलित संगोष्ठी में 17प्रस्ताव पारित,चरणबद्ध आंदोलन करने पर फैसला
प्रेस क्लब में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति में दलित संगोष्ठी का आयोजन
रांची: प्रेस क्लब सभागार में सोमवार को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति झारखंड के द्वारा दलित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 17प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए समिति के उपेंद्र रजक,संतोष कुमार सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि झारखंड अलग राज्य गठन के 25 वर्ष होने को है इन 25 वर्षों में अनुसूचित जाति समाज कहां है। इन वर्गों के सर्वोच्च विकास के लिए राज्य की सरकारों संवेदनशील नहीं रही। हमारे इस राज्य में कई ज्वलंत मुद्दे एवं समस्याएं हैं लेकिन हम कभी भी इतनी गंभीर चुनौतियां, समस्या एवं लगातार संवैधानिक अधिकारों को हनन के बाद भी एकजुट नहीं हो पाए, जिसके कारण हमारा इस राज्य में 50 लाख जनसंख्या रहने के बावजूद भी कोई गणना या महत्व नहीं हो रही है। अब समय आ गया है कि हम अपने आने वाले पीढ़ियों के लिए अपनी संवैधानिक अधिकार पाने के लिए पूरी एक जुटता के साथ जाति भेद, मतभेद, मनभेद, दलगत राजनीतिक से ऊपर उठकर संघर्ष के लिए तैयार हो या एक दूसरे को साथ दे। आज इस राज्य में कई बिंदुओं पर अनुसूचित जाति समाज को जूझने पड़ रहा है। इन बिंदुओं को समाधान के लिए हम अलग-अलग समाज के लोग कई बार प्रयास करते रहते हैं लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकल पाता है। हम सब वर्तमान में जिन समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में जेपीएससी जैसे आयोग एवं बोर्ड में संविधान के व्यवस्था के अनुरूप अनुसूचित जाति समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो,राज्य में वर्षों से खाली पड़े अनुसूचित जाति आयोग का पूर्ण नियुक्ति हो ताकि समाज को लोगों का न्याय मिल सके, शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत बीपीएल कोटा के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क नामांकन हेतु आय प्रमाण पत्र के सीमा को 72,000 हजार रुपए से बढ़कर 2 लाख रुपया हो ताकि और बच्चों को इसका लाभ मिल सके,अनुसूचित जाति परामर्शदात्री परिषद का गठन हो, झारखंड की राजधानी रांची में अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए एक 500 बेड का छात्रावास का निर्माण हो।एकलव्य विद्यालय के तर्ज पर राज्य में अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र एवं जिलों में हो।
इस अवसर पर अशोक कुमार रजक, ज्योति देवी,बलिराम पासवान,सरजीत मिर्धा सहित कई लोग मौजूद थे।



