मच्छरगांवा नगर पंचायत अध्यक्ष बने 25 वर्षीय युवक अश्विनी कुमार
अवधेश कुमार शर्मा
बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत नगर निकाय चुनाव जीतने के बाद मतदाता और प्रत्याशियों को राहत मिली है। चुनाव परिणामों को लेकर जितनी मुंह उतनी बातें विभिन्न बातें सामने आ कही हैं। किसी ने कहा इसबार और उसबार की बातें छोड़ो, आखिर उसमें कमी ही क्या है, युवा है, ग्लैमर है, क्रेज है, एक धनी व्यक्तित्व का मालिक है। ईश्वर ने उसे सब कुछ दिया है। फिर ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक कार्य करने में उसको दिक्कत कहां होगी। पहले से तो वह राजनीति में है ही नहीं। सादा स्लेट है, जो चाहो लिख डालो। यज्ञ अनुष्ठान में तो दान देने में वह दानवीर कर्ण है। सुनने में आया कि यज्ञ में तो लाखों रुपए का दान दिया और पूरा समय देकर यज्ञ की समाप्ति तक महत्वपूर्ण भूमिका में रहा। वैसे बहुत दानवीर कर्ण है, जो पर्दे के पीछे है, समाज उसको जानता ही नहीं। निष्ठा और कर्तव्य निष्ठा की बात तो उसकी चेहरे की आभा और प्रशस्त् ललाट बता रही है, कि वह चोर नहीं हो सकता, तभी तो लोगों का भरोसा जीतकर वह अध्यक्ष बना है। नहीं तो चिकने चुपड़े बहुत ही चेहरे मैदान में उतरे, जो कई बार जोर आजमाइश कर चुके, उन्हें मतदाताओं ने नकार दिया। इस 25 वर्षीय युवा को सेवा का मौका दिया। लोगों का कहना है कि देखना है, कि इस युवक के व्यक्तित्व में कर्मठता की झलक दिखाई दे रही है। यदि अश्वनी कुमार उल्लेखनीय कार्य कर दिया तो दोबारा चुनाव जीतने के लिए उसे बहुत मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। इज्जत और शोहरत मुफ्त में मिल जाएगी। रही वोट, तो वह अंतरात्मा की आवाज पर मतदाता उसे अपने कार्य की बदौलत लोग दोबारा चुनेंगे। पहली बार चुनाव जीतने वाले इस अश्विनी कुमार (युवा) का अपने कार्यकाल के दौरान, मानो, अग्नि परीक्षा ही है। यदि सफल हुआ तो, फिर इस अर्जुन को रोकने वाला कौन है। यदि खरा नहीं उतरा, तो फिर पूछने वाला कौन है। रिजल्ट सुनने के बाद नुक्कड़ सभा में जगह-जगह इकट्ठे होकर लोग इस तरह की बात करते देखे व सुने गए।

