कायाकल्प अवार्ड के लिए 2 सदस्य टीम ने सदर अस्पताल का किया पियर एसेसमेंट
साहिबगंज
गुरुवार को पाकुर से आई कायाकल्प की 2 सदस्य टीम ने सदर अस्पताल साहिबगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने सदर अस्पताल की आउटडोर सेवा इमरजेंसी वार्ड आदि का जायजा लेते हुए कई दिशा निर्देश दिए। लेबर रूम का निरीक्षण करते हुए टीम ने इसमें आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने की बात कही साथ ही पुरुष वार्ड सामान्य महिला वार्ड पैथोलैब एक्स-रे कक्ष रसोई ब्लड बैंक डॉट्स केंद्र आरटी पीसीआर लैब कोरोना जांच केंद्र सहित अन्य विभागों का निरीक्षण करते हुए जानकारी हासिल की।
कायाकल्प टीम में शामिल सदस्य चंद्रशेखर चौधरी एनएचएम पाकुर एवं विनोद कुमार वर्मा एनयूएचएम जिला शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक पाकुड़ ने संयुक्त स्वास्थ्य भवन में सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान से मुलाकात की। सदर अस्पताल में निरीक्षण के क्रम में टीम के सदस्यों के साथ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ मोहन पासवान कर्मचारी मुकेश सिन्हा जयराम यादव आदि साथ में मौजूद रहे।
ज्ञात हो कि साहिबगंज सदर अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में आलम यह है कि ओपीडी की सेवा बंद कर दी गई है। ओपीडी में आए मरीजों को आपातकाल में सेवा दे रहे डॉक्टर ही देखते हैं। ऐसे में ओपीडी के समय पर इमरजेंसी विभाग में अच्छी खासी भीड़ लगी रहती है। ऐसी परिस्थिति में अगर एन वक्त पर कोई गंभीर मरीज अथवा घायल मरीज पहुंच जाए तो इलाज तुरंत मिल पाना कितना मुमकिन होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
केवल इतना ही नहीं साहिबगंज सदर अस्पताल में 32 चिकित्सकों का पद सृजित है जबकि केवल 5 चिकित्सकों पर ही सदर अस्पताल का संचालन वर्तमान में हो रहा है। इस पर भी किसी भी विभाग के विशेषज्ञ अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। और तो और प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की भी घोर कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंभीर बीमारी अथवा दुर्घटना ग्रस्त मरीजों को सदर अस्पताल केवल प्राथमिक उपचार ही दे पाता है। इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में जब साहिबगंज में एक छोटा अस्पताल ही था तो कम से कम ओपीडी सेवा के समय 5 से 6 डॉक्टर उपलब्ध रहा करते थे। आज अस्पताल की बिल्डिंग बड़ी हो गई है व्यवस्था के नाम पर अल्ट्रासाउंड एक्स-रे ऑक्सीजन प्लांट पैथोलैब की सुविधा तो है परंतु जब चिकित्सक ही नहीं रहेंगे तो इन सुविधाओं का क्या होगा।

