15 दिन में 16 मौतें : यह नेशनल हाईवे है या मौत की सड़क ?
@अरूण कुमार सिंह
पलामू । मेदिनीनगर-हरिहरगंज नेशनल हाईवे 98 (नया 139) धीरे धीरे मौत की सड़क के रूप में तब्दील होती जा रही है । 1 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच इस सड़क करीब डेढ़ दर्जन बड़ी दुर्घटनाएं हुईं हैं जिनमें अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है ।
बहुत दिनों तक लोगों को याद रहेगी ये असामयिक मौतें,15 अप्रैल को छतरपुर थानान्तर्गत टेनपा गांव के पास हाइवा और टेंपू में टक्कर हो गयी जिससे एक युवक की मौत घटना स्थल पर ही हो गई। युवक नौडीहा बाजार के डगरा जमुना का निवासी बताया जा रहा है जिनकी पहचान प्रदीप सिंह के रूप में हुई है ।
2 अप्रैल को छतरपुर के उदयगढ़ मोड़ पर हुई एक कार और ट्रक की टक्कर में कार में सवार दो महिला तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। घायल महिला यात्रियों में एक की मौत बाद में हो गयी थी ।
4 अप्रैल को पड़वा थानाक्षेत्र के गाड़ी गांव के पास मेदिनीनगर से घर लौट रहे एक युवक की स्कूटी सड़क किनारे खड़े हाइवा से टकरा गई थी जिसमें युवक की मौत हो गई थी। 4 अप्रैल को ही रूदवा के बैराही मोड़ पर बोलेरो और बाईक के आमने सामने की टक्कर में छतरपुर के मौनाहा के तीन युवकों की मौत हो गई थी । इनमें दो युवकों की मौत इलाज के दौरान हुई थी ।
6 अप्रैल को हरिहरगंज के ढाब गांव के समीप एक अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गया था । इस घटना में हाइवा चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी । मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी राम बहादुर सिंह यादव के रूप में हुई थी ।
9 अप्रैल को छतरपुर के महिंद्रा पेट्रोल पंप के सामने एक ट्रक चालक, विपिन कुमार (28 वर्ष), जो बघबोरवा गांव का निवासी था, चावल लदे ट्रक को दूसरे ट्रक के पास पार्क करते समय दोनों ट्रकों के बीच फंस गया था । घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी । शव को जेसीबी मशीन की सहायता से दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया था ।
11 अप्रैल को डाली मोड़ पर ट्रेलर की चपेट में आने से बाइक सवार, 22 वर्षीय शंकर कुमार, जो सिक्का गांव का निवासी था और अपने दोस्त अंकित साव के साथ बाइक से घर लौट रहा था को, मेदिनीनगर की ओर से आ रहे ट्रेलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी जिससे शंकर की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी और अंकित साव गंभीर रूप से घायल हो गया था । 11 अप्रैल को ही छतरपुर के ही महिंद्रा पेट्रोल पंप के समीप ट्रैक्टर की टक्कर से 22 वर्षीय अंकुश यादव की मौत हो गई थी और उसका दोस्त धीरज गंभीर रूप से घायल हो गया था । दोनों तेलाड़ी गांव के थे । घटना के बाद परिजनों ने मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य पथ को तीन घंटे तक जाम कर दिया था ।
12 अप्रैल को 8 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं जिनमें दो युवकों की मौत हो गई थी । 12 अप्रैल को ही हरिहरगंज के, ढाब कला गांव के समीप महाराष्ट्र के नासिक से अंगूर लेकर आ रहा एक ट्रक सड़क किनारे खड़े हाइवा में पीछे से टकरा गया था । इस घटना में ट्रक के चालक और सह चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि ट्रक में सवार फल व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया था ।
13 अप्रैल को हरिहरगंज के वन विभाग चेकनाका के समीप तेज रफ्तार में आ रहे एक हाइवा की चपेट में आने से एक 10 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई थी । घटना के बाद अक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रख कर मुआवजे की मांग को लेकर एनएच जाम कर दिया था ।
उक्त मौतों के अलावा तेलाड़ी मोड़ पर अरविन्द बस की चपेट में आने से महेश यादव की मौत भी हुई थी जो तेलाड़ी गांव के ही निवासी थे । नावा बाजार के समीप और इटको मोड़ के समीप हुई दो अलग अलग दुर्घटनाओं में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी ।
छतरपुर सीओ ने दुर्घटनाओं को रोकने की की थी पहल
छतरपुर सीओ उपेन्द्र कुमार ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बीडीओ आशीष कुमार तथा एनएचआई के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर पिछले दिनों उल्लेखनीय काम किया था । उन्होंने लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ साथ कई जगह पर अनावश्यक डिवाइडर बंद करवाये और स्पीड ब्रेकर बनवाये जिसके बाद दुर्घटनाओं में कुछ कमी आयी है । हांलाकि अभी बहुत कुछ करना शेष है ।
क्यों हो रहीं हैं इतनी सड़क दुर्घटनायें ?
तेजी और लापरवाही के साथ अनियंत्रित गति से वाहन चलाना, यातायात नियमो का पालन नहीं करना आदि कारण तो सड़क दुर्घटनाओं में सामान्य होते हैं । छतरपुर सीओ उपेन्द्र कुमार ने संबद्ध सवालों के जवाब में कहा कि एनएच 98 पर अधिकांशतः घटनायें नया फोर लेन बनने के बाद इसलिए हो रहीं हैं क्योंकि लोग हाइवे के यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखकर भी लोग चेत नहीं रहे हैं । लोग जल्दीबाजी में जीवन गंवा रहे हैं । हाईवे बनने के पहले वाली आदत है । लोग शराब पीकर वाहन चलाते हैं । हांलाकि उन्होंने स्वीकार किया कि अब भी छतरपुर से हरिहरगंज के बीच सड़क पर बहुत से अनॉथराईज कट हैं जिन्हें तत्काल बंद किया जाना चाहिए ।
दुर्घटनाओं के बाद अमूमन मौके पर नहीं पहुंचता एनएचआई का एंबुलेंस
सीओ उपेन्द्र कुमार ने माना कि दुर्घटनाओं के बाद एनएचआई का एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंचता । दरअसल, यह वाहन कउआखोह टोलगेट के पास हमेशा सिर्फ दिखावे के लिए खड़ा रहता है । इस वाहन में कोई चिकित्सक या स्टाफ नहीं मिले । टोल का ठेका जिस कंपनी को मिला था उसने लोकल लोगों को टोल का जिम्मा दे दिया है जिन्हें सिर्फ पैसा वसूलने से मतलब है और एनएचआई के कोई अधिकारी को वस्तुस्थिति की परवाह शायद नहीं है ?



