04 सितंबर शुक्रवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या है..
मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। नया आर्थिक क़रार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ़ आएगा। आप महसूस करेंगे कि आपके दोस्त सहयोगी स्वभाव के हैं- लेकिन बोलने में सावधानी बरतें। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपके प्रिय का फ़ोन आएगा। अगर आपको एक दिन की छुट्टी पर जाना है तो चिंता न करें, आपकी ग़ैरहाज़िरी में सभी काम ठीक से चलते रहेंगे। और अगर किसी ख़ास वजह से कोई परेशानी खड़ी भी हो जाए, तो आप लौटने पर उसे आसानी से हल कर लेंगे। जरुरी कामों को समय न देना और फिजूल के कामों पर वक्त जाया करना आज आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अगर आप वैवाहिक तौर पर लंबे समय से कुछ नाख़ुश हैं, तो आज के दिन आप हालात बेहतर होते हुए महसूस कर सकते हैं।*
उपाय :- पारिवारिक जीवन में खुशहाली के लिए पुरुष मस्तक पर लाल टीके का व गृहणियाँ लाल सिंदूर का प्रयोग करें।*
वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।आप आज ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के नीचे न दबाएँ, थोड़ा आराम करें और आज के कामों को कल तक के लिए टाल दें। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। घर में कुछ बदलाव आपको काफ़ी भावुक बना सकते हैं, लेकिन आप अपनी भावनाएँ उनके सामने ज़ाहिर करने में क़ामयाब रहेंगे जो आपके लिए ख़ास हैं। आज आप अपने किसी वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका प्रेमी आपसे नाराज हो जाएगा। अन्य दिनों की अपेक्षा आज आपके सहकर्मी आपको अधिक समझने की कोशिश करेंगे। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। जीवनसाथी से बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखना आपको वैवाहिक जीवन में उदासी की तरफ़ ले जा सकता है।*
उपाय :- हरे रंग के कपड़े पहनें।*
मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।दोस्तों के साथ शाम अच्छी रहेगी लेकिन ज़्यादा खाने से बचें क्योंकि यह आपकी अगली सुबह ख़राब कर सकती है। आपकी माता पक्ष से आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है। हो सकता है कि आपके मामा या नाना आपकी आर्थिक मदद करें। आज हर कोई आपसे दोस्ती करना चाहता है और आप उनकी ये इच्छा पूरी करने में ख़ुशी महसूस करेंगे। एक लम्बा दौर जो काफ़ी समय से आपको दबोचे हुए था, ख़त्म हो चुका है- क्योंकि जल्दी ही आपको आपका जीवन-साथी मिलने वाला है। कार्यक्षेत्र में आज आप अपने काम में प्रगति देखेंगे। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आप पर बहुत स्नेह उढ़ेलेगा।*
उपाय :- बेडरूम में क्रिस्टल बॉल्स रखने से स्वास्थ्य बेहतर होगा।*
कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।सुकून हासिल करने लिए कुछ पल क़रीबी दोस्तों के साथ बिताएँ। अनचाहा कोई महमान आज आपके घर आ सकता है जिसके आने से आपको घर के उन समानों पर भी खर्चा करना पड़ सकता है जिनको आपने अगले महीने पर टाला हुआ था। आपकी स्वच्छन्द जीवनशैली घर में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए देर रात तक बाहर रहने और ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। अपने प्रिय की बेजा मांग के आगे न झुकें। आप दफ़्तर में माहौल में बेहतरी और कामकाज के स्तर में सुधार को महसूस कर सकते हैं। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। आपको और आपके जीवनसाथी को वैवाहिक जीवन में कुछ निजता की ज़रूरत है।उपाय :- पश्चिमोत्तर(चन्द्र की दिशा) दिशा में जीरो वाट का दूधिया बल्ब रात्रि में जलाने से फैमिली लाइफ में सुख बढ़ता है।*
सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।अपने विचार और ऊर्जा को उन कामों में लगाएँ, जिनसे आपके सपने हक़ीक़त का रूप ले सकते हैं। सिर्फ़ ख़याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होता है। अभी तक आपके साथ समस्या यह है कि आप कोशिश करने की बजाय केवल इच्छा करते हैं। घर के जरुरी सामान पर धन खर्च करके आपको आर्थिक परेशानी तो आज जरुर होगी लेकिन इससे आप भविष्य की कई परेशानियों से बच जाएंगे। परिवार वालों का हँसी-मज़ाक भरा बर्ताव घर के वातावरण को हल्का-फुल्का और ख़ुशनुमा बना देगा। अटके कामों के बावजूद रोमांस और बाहर घूमना-फिरना आपके दिलो-दिमाग़ पर छाया रहेगा। व्यावसायिक फ़ैसलों को लेने के लिहाज़ से आज का दिन बेहतर है। आपका खाली वक्त आज किसी गैरजरुरी काम में खराब हो सकता है। आपको ख़ुश करने के लिए आपका जीवनसाथी काफ़ी कोशिशें कर सकता है।*
उपाय :- सफेद पालतू कुतिया को खाना खिलाना आर्थिक उन्नति में सहायक होगा।
कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।बाहर घूमना-फिरना, पार्टी और मौज-मस्ती आपको अच्छे मूड में रखेंगे। आज निवेश के जो नए अवसर आपकी ओर आएँ, उनपर विचार करें। लेकिन धन तभी लगाएँ जब आप उन योजनाओं का भली-भांति अध्ययन कर लें। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के लम्हे लाएगी। आपको अपनी ओर से सबसे अच्छा बर्ताव करने की ज़रूरत है, क्योंकि आपके प्रिय का मूड बहुत अनिश्चित होगा। काम और घर पर दबाव आपको थोड़ा ग़ुस्सैल बना सकता है। आज समय की नजाकत को देखते हुए आप अपने लिए समय निकाल सकते हैं लेकिन ऑफिस के किसी काम के अचानक आ जाने के कारण आप ऐसा करने में सफल नहीं हो पाएँगे। आपका जीवनसाथी अपने दोस्तों में कुछ ज़्यादा व्यस्त हो सकता है, जिसके चलते आपके उदास होने की संभावना है।*
उपाय :- अपने प्रेमी/प्रेमिका से मिलते वक़्त उन्हें पीले फूल जरूर दें इससे प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे।*
तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। आपको कमीशन, लाभांश या रोयल्टी के ज़रिए फ़ायदा होगा। किसी धार्मिक स्थल या संबंधी के यहाँ जाने की संभावना है। अनपेक्षित रोमांटिक आकर्षण की संभावना है। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। आज घर में अधिकतर समय आप सो कर गुजार सकते हैं। शाम के वक्त आपको महसूस होगा कि आपने अपना कितना कीमती समय बर्बाद कर दिया। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं।*
उपाय :- आर्थिक उन्नति के लिए हरे रंग के वाहन का प्रयोग करना शुभ है।*
वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। शाम का ज़्यादातर समय मेहमानों के साथ गुज़रेगा। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। सहकर्मियों और वरिष्ठों से मिला सहयोग आपके उत्साह में इज़ाफ़ा करेगा। जो भी आपसे मिले, उसके साथ विनम्र और सुखद व्यवहार करें। बहुत कम लोग ही आपके इस आकर्षण का राज़ जान पाएंगे। जीवनसाथी का बिगड़ता स्वास्थ्य आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।*
उपाय :- पांच गरीब कन्याओं को हरी रंग की बर्फी बाँटने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा।धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।अपने ख़राब मूड को शादीशुदा ज़िंदगी में तनाव का कारण न बनने दें। इससे बचने की कोशिश करें, नहीं तो बाद में पछताना पड़ेगा। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैसा होगी। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। आज आपको महसूस होगा कि आपका महबूब आपसे कितना प्यार करता है। नई शुरू की परियोजनाएँ उम्मीद के मुताबिक़ परिणाम नहीं देंगी। अगर आपके पास हालात से उबरने के लिए दृढ़ इच्छा-शक्ति है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। आज आपको रंग ज़्यादा चटख नज़र आएंगे, क्योंकि फ़िजाओं में प्यार का ख़ुमार चढ़ रहा है।*
उपाय :- कोढ़ी व गूंगे-बहरे व्यक्ति की मदद करने से स्वास्थ्य अच्छा होगा।*
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।बहुत ज़्यादा रोमांच और दीवानगी की ऊँचाई आपके तंत्रिका-तंत्र को नुक़सान पहुँचा सकती है। इन दिक़्क़तों से बचने के लिए अपने जज़्बात क़ाबू में रखें। जिन लोगों ने कहीं निवेश किया था आज के दिन आपको आर्थिक हानि होने की संभावना है। अपने सामाजिक जीवन को दरकिनार न करें। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा-सा समय निकालकर अपने परिवार के साथ किसी आयोजन में शिरकत करें। यह न सिर्फ़ आपका दबाव कम करेगा, बल्कि आपकी झिझक भी मिटा देगा। आप प्रेम की आग में धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार जलते रहेंगे। अगर आपका साथी अपना वादा न निभाए तो बुरा महसूस न करें- आपको बैठकर बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने की ज़रूरत है। टीवी, मोबाईल का इस्तेमाल गलत नहीं है लेकिन आवश्यकता से अधिक इनका उपयोग आपके जरुरी समय को खराब कर सकता है। जीवनसाथी के साथ कुछ तनातनी मुमकिन है, लेकिन शाम के खाने के साथ चीज़ें भी सुलझ जाएंगी।*
उपाय :- काले व सफेद मोतियों की माला गले में धारण करने से स्वास्थ्य बेहतर होगा।*
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।दूसरों की आलोचना करने की आपकी आदत के कारण आपको भी आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है। अपना ‘सेंस ऑफ़ ह्यूमर’ दुरुस्त रखें और पलटकर तल्ख़ जवाब देने से बचें। ऐसा करने पर आप आसानी से दूसरों की कड़ी टिप्पणियों से निजात पा लेंगे। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। घर को सजाने-संवारने के अलावा बच्चों की ज़रूरतों पर भी ध्यान दें। बच्चों के बिना घर आत्मा के बिना शरीर की तरह है, फिर चाहे वह कितना भी ख़ूबसूरत क्यों न हो। बच्चे घर में उत्साह और ख़ुशीयों की सौगात लाते हैं। प्यार की ताक़त आपको प्यार करने की वजह देती है। दफ़्तर की राजनीति हो या फिर कोई विवाद, चीज़ें आपके पक्ष में झुकी नज़र आएंगी। टैक्स और बीमे से जुड़े विषयों पर ग़ौर करने की ज़रूरत है। मुमकिन है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा।*
उपाय :- सोने की अंगूठी में मंगल यंत्र खुदवाकर धारण करना स्वास्थ्य के लिए शुभ है।*
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। केवल एक दिन को नज़र में रखकर जीने की अपनी आदत पर क़ाबू करें और ज़रूरत से ज़्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर ख़र्च न करें। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। आपकी मुस्कुराहट आपके प्रिय की नाराज़गी दूर करने के लिए सबसे उम्दा दवा है। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। जीवनसंगी के साथ वक्त बिताने के लिए आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी।*
उपाय :- गणेश जी की पूजा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞
🌤️ दिनांक – 04 सितंबर 2026
🌤️ दिन – शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – भाद्रपद
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – अष्टमी रात्रि 12:13 तक तत्पश्चात नवमी
🌤️ नक्षत्र – रोहिणी रात्रि 11:04 तक तत्पश्चात मृगशिरा
🌤️ योग – हर्षण शाम 03:44 तक तत्पश्चात वज्र
🌤️राहुकाल – सुबह 11:04 से दोपहर 12:38 तक
🌤️ सूर्योदय – 05:32
🌤️ सूर्यास्त – 06:01
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
🚩व्रत पर्व विवरण- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (निशीथकाल : मध्यरात्रि 12:03 से 12:49 तक)
💥*विशेष- अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
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🌷 श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि 🌷
➡ 04 सितम्बर 2026 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है।
🙏 भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४
🙏 राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |
🙏 भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण में हैं | आप हम पर प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’
🙏 तब मैंने मथुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’
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🙏 महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |
🙏 भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खणग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खणग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिया नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |
🙏 इसप्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी की स्थापनकर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देशमें उससमय प्राप्त हों, उन सबसे पूजनकर माता देवकी की इसप्रकार प्रार्थना करे –
🌷 गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |
पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||
🙏 ‘जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |’
🙏 उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |
🙏 कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –
👉🏻 धन की वृद्धि के लिए जन्माष्टमी पर करे इस पत्ते का यह उपाय ⤵️
🌷 अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |
वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||
वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |
दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |
गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |
अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |
अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |
नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |
पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |
श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)
🙏 इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर ‘यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’
🙏 इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें –
🌷 क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |
गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)
🙏 आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये | नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |
🙏 धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |
🙏 इति श्री भविष्यपुराण का उत्तरपर्व का चौवीसवाँ अध्याय समाप्त हुआ |
~ पंचाग ~
🙏🌷💐🌺🍀🌻🌸🌹🍁🙏



