श्रम संहिताओं के विरोध में मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स की रैली 21 सितंबर को
रांची : बीएसएसआर यूनियन के कार्यकारिणी सदस्यों ने चार श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी और मालिक पक्षीय बताते हुए इनके एकतरफा थोपे जाने का विरोध किया है। यूनियन के उपाध्यक्ष पीयूष रंजन गुप्ता सहित अन्य नेताओं ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि लंबे संघर्ष के बाद मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए बने सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉईज (सेवा शर्त) एक्ट, 1976 के अधिकारों में बदलाव का प्रयास किया जा रहा है, जिसका वे विरोध करते हैं।
यूनियन के अनुसार वर्ष 2019 में वेतन संहिता पारित होने के बाद तथा 2020 में औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्तें संहिता पारित किए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन और हड़ताल की थी। यूनियन ने कहा कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट और फ्लोर लेवल वेज जैसे प्रावधान मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के हितों को प्रभावित कर सकते हैं।
राज्य सरकार द्वारा श्रम संहिताओं के तहत नियम बनाने की प्रक्रिया के बीच यूनियन ने सभी जिलों के श्रम विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। 21 सितंबर को करीब एक हजार मेडिकल एवं सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉईज तपोवन मंदिर, निवारणपुर से रैली निकालकर श्रम भवन पहुंचेंगे और श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपेंगे।
यूनियन की प्रमुख मांगों में शिकायत निवारण प्रणाली लागू करना, अस्पतालों में काम करने का अधिकार सुनिश्चित करना, SPE Act 1976 के अधिकारों की रक्षा, 26,910 रुपये न्यूनतम वेतन, मई दिवस पर अवकाश तथा ESI, बोनस, EPF और मातृत्व संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही आठ घंटे कार्य अवधि के अधिकार को लागू करने की मांग की गई है। प्रेसवार्ता में


