नशे के खिलाफ युवा बनें बदलाव के वाहक : समाधान केंद्र
रांची : साईं नाथ विश्वविद्यालय, ओरमांझी में समाधान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, कांके की ओर से मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। “जागरूकता से आगेः नशे से बचाव और मानसिक स्वास्थ्य के लिए युवाओं का सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल प्रो. डॉ. एस. पी. अग्रवाल मौजूद रहे। मुख्य वक्ता केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीप), कांके के सहायक प्राध्यापक डॉ. सेंथिल एम. ने नशे की लत को गंभीर जैव-मनो-सामाजिक समस्या बताया। उन्होंने कहा कि साथियों का दबाव, शैक्षणिक तनाव, पारिवारिक संघर्ष और भावनात्मक अस्थिरता युवाओं में नशे की शुरुआत के प्रमुख कारण हो सकते हैं। उन्होंने व्यवहार में अचानक बदलाव, पढ़ाई में रुचि कम होना, नींद व भूख में गड़बड़ी तथा सामाजिक दूरी जैसे शुरुआती संकेतों को पहचानने की जानकारी दी। समाधान केंद्र की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट रफत मुहम्मदी ने केंद्र की 12 वर्षों की यात्रा और नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। वहीं वी. बालाजी ने युवाओं को नशे के खिलाफ बदलाव का वाहक बनने और स्वयंसेवा के माध्यम से साथियों की मदद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। संवाद सत्र में वक्ताओं ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।


