दुर्गोत्सव : आज होगी मां कालरात्रि की पूजा, भय व नकारात्मकता से मुक्ति के लिए की जाएगी प्रार्थना

चतरा (गणादेश) : नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित है। नवरात्रि के सातवें दिन को सप्तमी कहा जाता है। कालरात्रि माता दुर्गा के सातवीं स्वरूप हैं। मान्यता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों के जीवन में कष्टों, बाधाओं से मुक्ति और खुशियों का संचार करती हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से देवी कालरात्रि की उपासना करने से मनुष्य को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है और नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है। वो सभी सुखों को प्राप्त करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुश्किल समय में मां कालरात्रि का ध्यान लगाने और स्मरण करने से जातक को मानसिक शांति और साहस मिलता है। यही कारण है कि मां को शुभंकरी भी कहा जाता है। कहा जाता है कि मां का स्वरूप भले ही अत्यंत भयानक और विकराल है लेकिन वह अपने भक्तों का हमेशा कल्याण करती हैं और शुभ फलों को प्रदान करती हैं।

मां कालरात्रि के पूजन का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:59 बजे से सुबह 05:47 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
अपराह्न (शाम) का पूजा मुहूर्त: दोपहर 03:54 बजे से शाम 06:14 बजे तक।

मां कालरात्रि की पूजा विधि

मां कालरात्रि की पूजा करने के लिए नवरात्रि के सातवें दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अब पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और गंगाजल से शुद्ध करें। मां कालरात्रि की प्रतिमा या फोटो को स्थापित करें। अब मां को रोली, कुमकुम, अक्षत, फूल, धूप और दीप अर्पित करें। मां की आरती उतारें और उनके मंत्रों का यथाशक्ति जाप करें।

मां कालरात्रि का प्रिय भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ और गुड़ से बनी चीजें (जैसे गुड़ का हलवा, गुड़ की खीर या मालपुआ) अत्यंत प्रिय हैं। मान्यता है कि मां को गुड़ से बनी चीजों को अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और व्यक्ति की कुंडली में राहु दोष शांत होता है।

शुभ रंग और फूल

नवरात्रि के सातवें दिन नीला रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां कालरात्रि में नीले रंग के वस्त्र पहनने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां कालरात्रि की पूजा में रात में खिलने वाली चमेली और नीले या गुड़हल के फूल अर्पित किए जाते हैं।

मां कालरात्रि के प्रिय मंत्र

मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा में उनके प्रिय मंत्रों का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

सामान्य मंत्र:
ॐ कालरात्र्यै नम:
बीज मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम:
देवी मंत्र:
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
प्रार्थना या स्तुति मंत्र:
देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

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