फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से आजीविका के साधनों से जुड़ रहीं महिलाएं,बन रही आत्मनिर्भर
खूंटी: ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका संवर्द्धन हुनर अभियान, फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के साथ-साथ महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर सरकार द्वारा आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में मदद की जा रही है। कर्रा प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर पंचायत के रेहरगरा गांव की रहने वाली महिलाएं 2017 में पूजा आजीविका सखी मंडल से जुड़ी। समूह से जुड़ने से पहले ये सारी दीदियां जिनका नाम कर्मी पाइकीन,फिरंती देवी ,चैनमती देवी ,मुन्नी देवी ,यशोदा देवी,दूसरे गांव या शहरों में मजदूरी करने जाती थी।इन महिलाओं को रोजगार का एक बेहतर विकल्प मिला।
बिचना गांव की निशा तुरी परिवार का भरण पोषण के लिए अपना पति का आर्थिक सहयोग नहीं कर पा रही थी और कोई अच्छा बिजनेस के लिए उसके पर अधिक पूंजी नहीं था। इस लिए वो दारू बेचने का काम करने लगी पर दारु बेचने का काम अच्छा नहीं लगा और आठ महीना के बाद बेचना छोड़ दी और फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जुड़ी और ज्योति ग्राम संगठन बिचना द्वारा योजना के मध्यम से 25000₹ रुपए पूंजी दिया गया और अभी निशा तुरी बाज़ार में प्लास्टिक का सामान की बिक्री करती है और अभी दीदी बहुत खुश है।
वहीं कर्रा परखंड के अंतर्गत सुवारी जलतंडा गांव की रहने वाली फूलमणि कांडुलना 2019 में कुसुम आजीविका सखी मंडल से जुड़ी ।समूह में जुड़ने से पहले दीदी की जीवन शैली कुछ अच्छी नहीं थी।दीदी के पति मजदूर थे। समूह बैठक में दीदी को फूलो झानो योजना के बारे में जानकारी मिली जिसका लाभ दीदी ने उठाया और 10000 हजार रुपए ब्याज मुक्त सहयोग राशि मिला।इन पैसों से उसने एक छोटी सी दुकान खोली और कुछ पैसे समूह से ऋण लिए। फूलमणि अपने गांव की महिलाओं के लिए एक प्रेरक महिला बन चुकी है।

