ईडी जाए कहां, एक तरफ कुंआ दूसरी तरफ खाई
रांचीः झारखंड में ईडी के लिए चुनौती भरा सफर है। एक तरफ कुंआ और दूसरी तरफ खाई है। झारखंड कैडर की निलंबित आइएएस पूजा सिंघल मामले में जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि ईडी ने अब तक झारखंड में हुई कार्रवाई को अपने वेबसाइट में भी नहीं डाला है। इधर निर्दलीय विधायक सरयू ने कहा है कि पूजा सिंघल प्रकरण में ईडी के रडार में आए प्रेम प्रकाश को रघुवर सरकार में ही ट्रेनिंग मिली थी। उन्हीं की सरकार में प्रेम प्रकाश को अंगरक्षक भी मिले थे। इस मामले में डीसी और एसपी से पूछताछ कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईडी का उद्देश्य सिर्फ सीएम हेमंत सोरेन तक पहुंचने का नहीं होना चाहिए। ईडी जहां भी जांच करेगी वह जांच रघुवर सरकार तक पहुंच ही जाएगी। बताते चलें कि पूजा सिंघल को मनरेगा घोटाले के मामले में रघुवर सरकार के समय ही क्लीन चिट मिली थी। जांच पदाधिकारी अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर एपी सिंह थे। दूसरा मामला यह है कि प्रेम प्रकाश ने मध्याहन भोजन की सप्लाई के लिए रघुवर सरकार के समय ही लाइजनिंग कराई थी। इस वजह जांच की आंच रघुवर सरकार तक पहुंचेगी। इधर निर्दलीय विधायक सरयू राय ने भी कहा है कि प्रेम प्रकाश सेंट्रलाइज सिस्टम पूर्व सीएम रघुवर दास और तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के समय से चला रहा था. पल्स अस्पताल सरावगी बिल्डर से प्लॉट खरीद कर बनाया गया. 2015 से 2019 तक की सरकार में जो भ्रष्टाचार हुआ उसी का पैसा अस्पताल निर्माण में लगा है. । सरयू राय के इस बयान के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं।

