“वेलकम मोदीजी इन गयाजी”: अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने पीएम मोदी का किया अनोखा स्वागत

भागलपुर। बिहार के चर्चित अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित गया दौरे से पूर्व एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज़ में उनका कलात्मक स्वागत किया है। मधुरेंद्र ने बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय परिसर में भगवान बुद्ध को प्रणाम करते प्रधानमंत्री मोदी की एक आकर्षक तस्वीर केवल तीन सेंटीमीटर की पीपल की हरी पत्तियों पर उकेरी है, साथ ही लिखा है—”वेलकम मोदी जी इन गयाजी।”

इस दुर्लभ कलाकृति को तैयार करने में मधुरेंद्र को करीब पांच घंटे का कठिन परिश्रम लगा। इस सृजन के माध्यम से उन्होंने गया के विष्णुपद मंदिर, बौद्ध मंदिरों, राष्ट्रीय राजमार्ग, गंगा ब्रिज, अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन, तथा गया होते हुए वैशाली तक प्रस्तावित मेमू ट्रेन जैसी योजनाओं को भी खूबसूरती से दर्शाया है। उनका यह प्रयास न केवल एक स्वागत है, बल्कि पर्यटकों और आम जनता को राज्य के विकास कार्यों के प्रति जागरूक करने की एक प्रेरणादायी कोशिश भी है।

मधुरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा,> “जब-जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बिहार की पुण्यभूमि पर कदम रखते हैं, तब-तब विकास की गंगा और भी प्रखर वेग से बहती है। यह केवल योजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के हृदयस्थल बिहार के पुनर्जागरण का महोत्सव है।”

ज्ञात हो कि मधुरेंद्र पूर्व में भी कई बार अपने अनोखे सैंड आर्ट से देश का ध्यान खींच चुके हैं। 15 अगस्त को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के समर्थन में उन्होंने 20 टन बालू पर प्रधानमंत्री मोदी की 20 विशाल कलाकृतियाँ बनाकर उन्हें समर्पित किया था। पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित “थैंक्यू मोदी जी” संदेश के साथ उनकी रचना देशभर में चर्चा का विषय बनी थी। वहीं मोतिहारी में पीएम मोदी के स्वागत में मिट्टी से बनाई गई कलाकृति भी काफी सराही गई थी।

सम्मान और उपलब्धियाँ:मधुरेंद्र कुमार को वर्ष 2012 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किया गया था। वे लोकसभा चुनाव 2019, विधानसभा चुनाव 2020 तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2021-22 में ब्रांड एंबेसडर भी रह चुके हैं। वर्ष 2023 में उनका नाम “बिहार की महान हस्तियाँ” पुस्तक में दर्ज हुआ, और जून 2025 में ब्रिटिश पार्लियामेंट द्वारा “लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” में उनका नाम शामिल किया गया। हाल ही में उन्हें भारत गौरव अवार्ड 2025 से भारतीय संसद में सम्मानित किया गया है।उनकी यह नवीनतम कलाकृति प्रधानमंत्री के आगमन से पहले बिहारवासियों में उत्साह का संचार कर रही है और एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि कला न केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है, बल्कि सामाजिक चेतना का भी सशक्त उपकरण हो सकती है।

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