केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव ने खूंटी में बटन मशरूम बीज उत्पादन केंद्र का लिया जायजा
खूंटी: भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव शैलेश कुमार ने शनिवार को तिरला कलस्टर स्थित बटन मशरूम बीज उत्पादन केंद्र का निरीक्षण किया।

उनके साथ ग्रामीण विकास सचिव प्रशांत कुमार, मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी, CEO, JSLPS, सूरज कुमार,डीसी शशि रंजन, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, COO, JSLPS, COO JICA, SPM JSLPS व अन्य पदाधिकारी शामिल रहें।
अवलोकन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन,खूंटी में बुनियादी सेवाओं को बढ़ाकर, स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करके और सुनियोजित रुर्बन क्लस्टर बनाकर रुर्बन समूहों को बदलने, आर्थिक – तकनीकी सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित ग्रामीण – शहरी विभाजन को पाटने के लिए शुरू की गई श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (एसपीएमआरएम) में खूंटी जिला बेहतर कार्य कर रहा है।
रूर्बन मिशन अंतर्गत रूर्बन क्लस्टर में जिला प्रशासन द्वारा आजीविका संवर्धन एवं सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सब्जी मार्किट निर्माण, मोमबत्ती इकाई का क्रियान्वयन, पेपर मेसी इकाई क्रियान्वयन, साबुन इकाई क्रियान्वन, लाह इकाई क्रियान्वयन, मशरूम इकाई व अन्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के माध्यम से ग्रामीणों की स्तिथि को बेहतर करने का प्रयास किया गया है।
मौके पर सचिव, ग्रामीण विकास विभाग ने बताया गया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने के साथ-साथ बुनियादी सेवाओं में बढ़ोतरी करना है। साथ ही सुव्यवस्थित ढंग से ग्रामीण कलस्टर का सृजन करते हुए ग्रामीण कलस्टरों में व्यापक बदलाव लाने की जरूरत है। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करते हुए एकीकृत एवं समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ाया जा सकें।
सखी मंडल की दीदियों के साथ बैठक कर उनकी कार्य प्रणाली और विभिन्न गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली गई। मौके पर सखी मंडल की दिदियों ने बताया उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित किया है। इस दौरान उन्होंने सखी मंडल की महिलाओं से विकास कार्यों पर चर्चा की एवं आजीविका सशक्तिकरण के प्रयासों का जायजा लिया। इस दौरान CLF की अध्यक्ष द्वारा जानकारी दी गई कि अब तक उन सभी ने 120 प्रशिक्षण प्राप्त किए हैं एवं 165000/- आय अर्जित की है। संकुल की तरह पलाश मार्ट, मोमबत्ती बनाना, लाह चूड़ी, बेकरी यूनिट और बहुउद्देशीय भवन का संचालन भी किया जा रहा है।
इस दौरान सचिव द्वारा महिलाओं से ग्रेडिंग सिस्टम के संबंध में जानकारी ली गई। ClF के DCB पुस्तक की जानकारी ली, इसके अतिरिक्त आधुनिक तकनीकों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान उपायुक्त शशि रंजन ने सखी मण्डल की दीदियों की प्रसंशा करते हुए कहा कि दीदियों ने ग्रामीणों को अपने हित के लिए जागरूक बनने की राह दिखाई है।* इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इसी उत्साह और मेहनत के साथ एकजुट होकर इन योजनाओं का क्रियान्वयन करने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।
मौके पर मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने कहा कि मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं के प्रति ग्रामीणों का उत्साह और आत्मविश्वास से भरी परिवर्तन की ललक सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इसी प्रकार का उत्साह अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करता है। महिलाओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि सखी मण्डल की प्रेरक दीदियों के माध्यम से हर व्यक्ति अपने स्तर से जागरूक बन रहे हैं।
मौके पर सीईओ, जेएसएलपीएस, सूरज कुमार ने महिलाओं को कहा कि हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए कि हम बहुमुखी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकें। उन्होंने कहा कि सतत विकास के उद्देश्यों को पूर्ण करने की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
हमें इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। जिससे हर व्यक्ति स्वावलंबन और आत्मविश्वास को सिद्ध कर सके।
वहीं एपीपी एग्रीगेट के निदेशक प्रभाकर कुमार ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूरबर्न अंतर्गत बटन मशरूम बीज उत्पादन केंद्र ग्रामीण विकास विभाग का एक बेहतर पहल है। इसके माध्यम से महिलाओं को बाहर से बटन महम बीज खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। काम लागत में जेएसएलपीएस एम अन्य महिला पुरुष किसानों को कम लागत में मशरूम का उत्तम क्वालिटी का बीज उपलब्ध हो सकेगा। इसमें शिक्षित बेरोजगार महिला पुरुष किसानों को एक अच्छी आमदनी अर्जित करने का मौका मिल रहा है।

