दो मासूमों को मिला नया आशियाना, जिलाधिकारी ने बढ़ाया अपनापन का हाथ
भागलपुर। ज़िंदगी में सबको नहीं मिलता मां-बाप का साया, पर इस बार किस्मत ने दो मासूमों पर खास मेहरबानी दिखाई। जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक खास सुनवाई हुई, जहां बालक कृष्णा कुमार (13 वर्ष) और नन्हा अंश कुमार (5 वर्ष) को नया परिवार, नया प्यार और एक नई शुरुआत मिली।
यह कोई आम अदालती कार्रवाई नहीं थी, बल्कि ममता और मानवता का वो पल था जब दोनों बच्चों को औपचारिक रूप से उनके दत्तक माता-पिता को सौंपा गया। जिलाधिकारी ने न केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी की, बल्कि भावुक लहजे में दत्तक माता-पिता को यह भी कहा कि वे बच्चों की शिक्षा और परवरिश में कोई कसर न छोड़ें।
नवजीवन की इस नई कहानी में बच्चों की आंखों में चमक और माता-पिता के चेहरे पर संतोष की मुस्कान-सब कुछ बयां कर गया कि ये महज कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी की अधूरी दुनिया को पूरा करने का मौका था।
हर बच्चे को चाहिए प्यार, परवरिश और अवसर—और आज दो मासूमों को मिल गया है उनका हक़, जिलाधिकारी ने कहा।
भागलपुर की इस कहानी ने एक बार फिर साबित किया है कि जब समाज साथ देता है, तो कोई भी बच्चा अनाथ नहीं रहता



