दो दिन की देशव्यापी हड़ताल, झारखंड में 2500 करोड़ का कारोार प्रभावित
रांचीः संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर किसान संगठनों द्वारा समर्थित देशव्यापी हड़ताल झारखंड मे दूसरे दिन भी असरदार रही. हालांकि कोयला उधोग में कोल इंडिया की झारखंड मे अवस्थित तीनों कंपनियों मे कल के मुकाबले खनन कार्य आंशिक रुप से हुआ लेकिन कोयला ढुलाई का का काम कई जगह प्रभावित हुआ. इस दो दिन के देश व्यापी हड़ताल में लगभग 2500 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है।
बैंक और बीमा सेक्टर में कामकाज रहा ठप्प
बैंक और बीमा सेक्टर मे दुसरे दिन भी पूर्ण हड़ताल रही. डाकघर और रेलवे मेल सर्विस का काम पुरी तरह ठप्प रहा. इस्पात उद्योग मे उत्पादन पर असर पड़ा. लौह अयस्क के माइंस मे काम काज- आज ठप्प रहा. राज्य के परियोजना कर्मचारियों मे एकीकृत बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने आज अपने अपने आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रदर्शन किया. राज्य के 10 हजार से ज्यादा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स भी हड़ताल पर रहे. बीड़ी, पत्थर, निर्माण और परिवहन कामगारों ने राज्य के कई स्थानों पर जुलूस निकाला और प्रधानमंत्री को संबोधित अपनी मांगों से संबंधित स्मार-पत्र स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा.
राजधानी रांची में निकाला गया जुलूस
राजधानी रांची मे शहीद चौक के पास विश्वविद्यालय परिसर से ट्रेड यूनियनों का एक संयुक्त जुलूस निकाला गया जो राजभवन पहुंच कर सभा मे तब्दील हो गया.इस जुलूस में सेल्स प्रमोशन इंप्लाईज निर्माण, परिवहन, बैंक,बीमा, एचईसी व बीएसएनएल के ठेका कर्मी और राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा अनुबंध आधारित स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रतिनिधि शामिल थे. सभा की अध्यक्षता भवन सिंह ने की. सभा को झारखंड विधानसभा के सदस्य विनोद सिंह, सीटू के प्रकाश विप्लव, अनिर्वान बोस, एक्टू के शुभेंदु सेन, भुवनेश्वर केवट,इंटक के संजीव सिन्हा, एटक के सच्चिदानंद मिश्र, बेफी के एम एल सिंह, अभिजीत मल्लिक, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के रामाधार शर्मा, नवीन चौधरी, हटिया मजदूर युनियन के हरेंद्र यादव, पेट्रोलियम श्रमिक युनियन के एस. के. राय समेत विभिन्न श्रमिक संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया.सभा के बाद ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त शिष्टमंडल द्वारा प्रधानमंत्री को संबोधित 20 सूत्री मांग पत्र राजभवन को दिया गया.

