अखंड भारत के शिल्पकार को नमन – टीएमबीयू में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर विशेष आयोजन
भागलपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के सीनेट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था – “अखंड भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका”। यह आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में कुलपति महोदय के निर्देशानुसार कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अध्यक्षता डॉ. उदय प्रताप मिश्र (लोकपाल, टीएमबीयू) ने की, जबकि संचालन का दायित्व डॉ. शैलेश मिश्रा ने संभाला। मुख्य वक्ताओं में डॉ. अर्चना शाह, डॉ. विवेक कुमार हिंद, डॉ. आशुतोष कुमार और डॉ. उदय प्रताप मिश्र शामिल थे।
वक्ताओं ने सरदार पटेल के अविस्मरणीय योगदानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे न केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे, बल्कि अखंड भारत के निर्माता भी थे। 562 रियासतों का भारत संघ में एकीकरण उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता का परिणाम था।
चर्चा के दौरान बारदोली सत्याग्रह, खेड़ा आंदोलन, जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर के विलय जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल का नेतृत्व उस समय की राष्ट्रीय एकता की नींव बना।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदायवाद जैसी एकता में बाधक प्रवृत्तियों को चिन्हित करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरित होकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान दें। छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. अर्चना शाह ने भारत सरकार द्वारा भेजी गई राष्ट्रीय एकता शपथ उपस्थित छात्र-छात्राओं को दिलाई।
इस अवसर पर सरदार पटेल की विश्वप्रसिद्ध प्रतिमा – “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” – का भी उल्लेख किया गया, जिसकी 182 मीटर ऊंचाई उसे विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाती है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। डॉ. राहुल कुमार ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट किया। समारोह में विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।



