जनजाति सुरक्षा मंच की बैठक,चंगाई सभा का विरोध करने का फैसला
गणादेश,रांची : आरोग्य भवन में शनिवार को जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय कार्यालय में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय सूर्य नारायण सुरी की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक हुई। इस बैठक में विशेष रूप से 23 नवंबर 2025 को जो चंगाई सभा के विरोध में दसमाइल चौक पर जतरा मैदान में आयोजित आदिवासी सरना बचाओ महारैली की समीक्षा की गई। आने वाले दिनों में कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने अपने स्तर से विभिन्न मौजों में भ्रमण कर चंगाई सभा, मुक्ति महोत्सव सभा, मुर्दे उठकर खड़े होने वाले सभा एवं प्रार्थना सभा का पता लगाकर पुरजोर विरोध किया जाएगा। बैठक में संकल्प लिया गया कि धर्मांतरित ईसाई कभी भी किसी कीमत पर आदिवासी जनजाति नहीं हो सकता है। बैठक में जनजाति सुरक्षा मंच के झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत देश में संगठन की गतिविधियां को बढ़ाने के लिए क्रमबद्ध योजना बनाई जा रही है।
आप भी समय है धर्मांतरित ईसाई जनजाति का आरक्षण का लाभ जितना दिन खाया सो खाया अब जनजाति सुरक्षा मंच किसी भी कीमत पर जनजाति का आरक्षण का लाभ धर्मांतरित ईसाई को खाने नहीं देगा,। धर्मांतरित ईसाई यदि वापस आना चाहे तो अब भी समय है अपने पूर्वजों का पूजा पाठ रीति रिवाज रूढ़ि प्रथा में पुन वापस आए जाए नहीं तो बाद में फिर समय नहीं मिलेगा ताकि आने वाली नई पीढ़ी अपनी रीति रिवाज परंपरागत व्यवस्था रूढ़ि प्रथा से वंचित न हो।धर्मांतरण एवं आरक्षण के विरोध में कई प्रदेशों में उच्च न्यायालयों के द्वारा दिए गए निर्णय पर कानूनी रूप से चिंतन एवं विचार किया गया।
इस बैठक में संदीप उरांव, मेघा उराँव,सोमा उराँव, जगन्नाथ भगत, एडवोकेट पिंकी खोया, नकुल तिर्की, प्रदीप लकड़ा, बिना उरांव, विशु उराँव, प्रदीप उरांव, अजय कुमार भोक्ता, हिंदूवा उरांव, राजू उराव, दुर्गा उरांव एवं चारवा उरांव व अन्य उपस्थित थे।



