ग्रामीण व संगठन के विरोध पर मृतका को पुत्र ने दी मुखाग्नि
गणादेश चौपारण:
चौपारण प्रखंड के यवनपुर पंचायत के ग्राम मधगोपाली के रहने वाले रामचंद्र भुइयाँ अजमेर जाकर 11 वर्ष पहले अहमद अंसारी बन गया। आधार तथा अन्य दस्तावेज में आज तक पूरे परिवार का हिन्दू नाम है। अब तक लाभ, हिन्दू हरिजन बनकर ले रहे हैं। परिवार में पुत्र पुत्री समेत सभी हिन्दू धर्म का ही अनुसरण करते हैं।
रामचंद्र भुईयां 11 वर्ष के बाद अपने घर लौटा। बीती रात इसकी पत्नी की मृत्यु होने के पश्चात, महराजगंज क्षेत्र के हज़ारों मुस्लिम महिला/पुरुष को जुटाकर कब्रिस्तान में पत्नी दफ़नाने की तैयारी कर चुके थे। इसी बीच इस बात की सूचना
चौपारण विहिप(बजरंगदल) को ज़िला सहमंत्री गुरुदेव के माध्यम से मिली। इस घटना की त्वरित जानकारी प्रखण्ड मंत्री, शेखर गुप्ता ने प्रशासन को दी , जहां सूचना प्राप्त होते ही डीएसपी नाजिर अख्तर,चौपारण थाना प्रभारी संभू नंद ईश्वर दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए तथा स्थिति को नियंत्रण कर, व लोगों की माँग को विधिसम्मत मानते हुए शव को कब्जे में लेकर थाना लाया गया। जहां हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की बात कही। वहीं मृतक के परिजनों ने भी अपने को हिंदू व हिंदू धर्म के अनुसार मृतक शरीर की अंत्येष्ठि क्रिया कराने की बात कही। अंतिम संस्कार के लिए शव को बीती रात्रि ही कुछ परिजनों और ग्रामवासी के साथ हज़ारीबाग़ भेज दिया गया, जहां आज दोपहर, मुक्ति धाम में हिन्दू रीति रिवाज के साथ पुत्र रामाशीष भुइयाँ के द्वारा पुलिस बल, ग्रामवासियों वा विहीप(बजरंग दल)की उपस्थिति में मुखाग्नि दे दी गई।

