कुपोषित बच्चों को दिए जाने वाले आहार की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता की हुई जांच
खूंटी: राजकुमारी फाउंडेशन के द्वारा संचालित कुपोषित बच्चों को दिये जाने वाले आहार की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता की जांच हेतु डूमरगाड़ी पंचायत के बिरधा गांव में सीडीपीओ कर्रा एवं खाद सुरक्षा पदाधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में किचन परिसर की साफ सफाई की जांच की गई। किचन में पकाया जा रहे खिचड़ी की भी जांच की गई जो संतोषजनक पाया गया। जांच हेतु सूजी का हलवा, सोयाबीन बड़ी एवं खिचड़ी का नमूना लिया गया। राजकुमारी फाउंडेशन द्वारा जांच के दौरान फूड लाइसेंस नहीं दिखाया गया।कर्मी के पास ग्लव्स आदि नहीं पाया गया जिसे तुरंत मंगवा कर प्रयोग करने का निर्देश दिया गया। खाने में उपयोग किया जाने वाला पानी की
जांच रिपोर्ट भी नहीं पाया गया।
रक्षाबंधन को देखते हुए कर्रा चौक स्थित शिव होटल से लड्डू एवं रसगुल्ला का नमूना जांच हेतु लिया गया तत्पश्चात खूंटी शहर स्थित अनूप स्वीट से बूंदी एवं बेसन लड्डू लिया गया। इंद्रदीप होटल से बुंदिया का नमूना लिया गया। नीचे चौक स्थित लड्डू भाई स्वीट्स की दुकान से परवल मिठाई का नमूना लिया गया। इन सभी को जांच हेतु लैब भेजा गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार जीएसएस खाद सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसमें सजा एवं जुर्माना का प्रावधान है। सभी मिठाई विक्रेता को निर्देश दिया गया अपने दुकान काउंटर में फूड लाइसेंस, मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, इनग्रेडिएंट लिस्ट, मैन्युफैक्चरर ऐड्रेस आदि लिखा हुआ फूड का ही बिक्री करें। यदि निरीक्षण में उपरोक्त बातें लिखी हुई नहीं पाई जाती है तो उनका सामान जप्त कर नष्ट कर दिया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेदारी दुकानदार की स्वयं की होगी। बूंदी जलेबी आदि में खाने वाले रंग का ही प्रयोग करने का निर्देश दिया गया। जांच में यदि अखाद्य रंग पाया जाता है तो उनका मिठाई नष्ट कर दिया जाएगा साथ ही जुर्माना लगाया जाएगा। दुकानदारों को यह भी निर्देश दिया गया अपने दुकान के परिसर में साफ सफाई का खास ध्यान रखेंगे। व्यक्तिगत स्वच्छता का भी ध्यान रखेंगे जिसमें साफ कपड़ा आदि का प्रयोग करेंगे। बिक्री किए जाने वाले पनीर खोवा आदि में मिलावट या घटिया क्वालिटी वाले पनीर खोवा की बिक्री नहीं करेंगे। निरीक्षण के दौरान नमूना लिया जाएगा। नमूना यदि फेल होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

