पद्मश्री रामचंद्र मांझी का निधन, लौंडा नाच के लिए थे महशूर, सीएम ने जताया शोक
पटनाः पद्मश्री रामचंद्र मांझी के निधन के पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने शोक जताया है। उनका निधन बुधवार की देर रात पटना के आइजीआइएमएस में हो गया। वे लौंडा नाच के लिए महशूर थे। 96 वर्ष के मांझी भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर के सहयोगी थे। वे सारण जिले के रहने वाले थे। रामचंद्र मांझी को लौंडा नाच का आखिरी कलाकार बताया जाता है। उन्होंने इस कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। रामचंद्र मांझी को 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्हें संगीत नाटक अकादमी समेत कई अन्य पुरस्कार भी दिए गए थे। रामचंद्र मांझी के चार पुत्र व दो पुत्री हैं। पत्नी सुदमिया देवी का पहले ही निधन हो चुका है। वे वर्तमान में आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलने पर कला संस्कृति एवं युवा मंत्री जितेंद्र राय ने दूरभाष से उनके परिजनों से बात कर शोक संवेदना व्यक्त की। बताते चलें कि लौंडा नाच बिहार के प्राचीन लोक नृत्यों में से एक है। इसमें लड़की के वेश में कलाकार नृत्य करते हैं। किसी भी शुभ मौके पर लोग अपने यहां ऐसे आयोजन कराते हैं। हालांकि आज समाज में लौंडा नाच हाशिए पर खड़ा है। अब गिनी-चुनी मंडलियां ही बची हैं, जो इस विधा को जिंदा रखे हुई है।

