सोशल मीडिया पर ‘ताल ठोंक’ जंग: भागलपुर में सांसद – विधायक आमने – सामने, सियासत में आई अनचाही तपिश
भागलपुर। सर्द हवाओं के बीच भागलपुर स्थित गंगा के आर- पार की सियासत इस कदर गरमा जाएगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। फेसबुक पर शुरू हुई हल्की नोंक-झोंक अब राजनीतिक अखाड़े में बदलने लगी है। केंद्र में बैठे सांसद अजय मंडल और बिहपुर के भाजपा विधायक कुमार शैलेन्द्र इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे भिड़े हैं कि समर्थकों से लेकर आम मतदाताओं तक में हलचल है।बीते मंगलवार को सांसद अजय मंडल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर बिहार सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए लिखा – ‘नीतीश सरकार नौकरी एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में लगातार तेजी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य के सहकारिता विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 1089 पदों पर नयी नियुक्तियों की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने जा रही है।’
सांसद की यह सादी-सी उपलब्धियों वाली पोस्ट भाजपा विधायक कुमार शैलेन्द्र को नागवार गुज़री। उन्होंने बिना देर लगाए अपने फेसबुक पर तीखी टिप्पणी चस्पा कर दी। उनका संकेत साफ था, भले ही नाम न लिया हो, लेकिन बात सीधे सांसद और पूर्व जेडीयू विधायक गोपाल मंडल पर निशाना साध रही थी। विधायक ने लिखा – ‘एक बड़बोले जनप्रतिनिधि को किनारे लगा दिया गया। अब सांसद का भी वही हाल होगा।’
सांसद का संयमित जवाब – ‘समय आने पर बताएंगे’
विधायक के इस वार के बाद सियासी तापमान अचानक उछल गया। समर्थक अपने-अपने नेताओं के बचाव में उतर आए। मगर सांसद अजय मंडल ने अपेक्षाकृत शांत अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा –
‘हमें शैलेन्द्र जी के बयान पर कुछ भी नहीं कहना है… हमारा कोई कमेंट नहीं है। वक़्त आएगा तो बता देंगे।’ उनका यह संयमित जवाब राजनीतिक हलकों में और चर्चा का कारण बन गया।
विधायक का पलटवार – ‘एक गया… अब आपकी बारी’
सांसद के संयमित अंदाज यानी बयान से भाजपा विधायक और ज्यादा आक्रामक दिखे। उन्होंने दूसरी पोस्ट में बिना नाम लिए फिर तीर छोड़ा – ‘बिहार के सीएम नीतीश जी के एक विधायक को हराने के लिए हर कुकर्म किया आपने… एक गया, अबकी बारी आपकी। खुली चुनौती है।’ बहरहाल, नाम भले न हों, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सभी समझ रहे हैं कि यह जंग सांसद अजय मंडल और गोपाल मंडल को लक्ष्य कर भाजपा विधायक कुमार शैलेन्द्र के द्वारा छेड़ी गई है।
भागलपुर की सियासत में नई करवट?
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। एनडीए और जेडीयू के समीकरणों के बीच भागलपुर की राजनीति पहले से ही अस्थिर है। ऐसे में सांसद और विधायक की इस ‘डिजिटल जंग’ के आगे बढ़ने की पूरी आशंका है। सर्दी भले ही दस्तक दे चुकी हो, लेकिन भागलपुर की राजनीति में गर्मी चरम पर है और फिलहाल हालात बताते हैं कि यह आग जल्द ठंडी होने वाली नहीं।



