छात्रवृत्ति रोके जाने के विरोध में छात्रों ने रांची में किया भिक्षाटन, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
गणादेश,रांची: झारखंड में दो वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर छात्रों का आक्रोश गुरुवार को राजधानी रांची में फूट पड़ा। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अनोखा तरीका अपनाते हुए भिक्षाटन किया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। हाथों में किताबों की जगह कटोरा और चेहरों पर नाराजगी साफ झलक रही थी। छात्र सबसे पहले मोरहाबादी मैदान में जुटे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इस आंदोलन का नेतृत्व आजसू छात्र संघ ने किया।
छात्रों ने कहा कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति सत्र 2024–25 का भुगतान कई महीनों से लंबित है, जिससे लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और e-Kalyan पोर्टल पर सभी लंबित आवेदनों की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
छात्रों के अनुसार राज्य सरकार ने 11.34 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की बात कही थी, लेकिन अब तक केवल 7.45 लाख छात्रों को ही आंशिक भुगतान किया जा सका है। वहीं 3.5 लाख से अधिक ओबीसी छात्र अभी तक पहली किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आजसू छात्र संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि जब तक हर पात्र छात्र को उसकी पूरी छात्रवृत्ति नहीं मिल जाती, आंदोलन जारी रहेगा। “यह सिर्फ छात्रवृत्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि हक़ और जवाबदेही की लड़ाई है,” उन्होंने कहा।
प्रदेश उपाध्यक्ष ऋतुराज शहदेव ने कहा कि छात्रवृत्ति कोई उपकार नहीं, छात्रों का अधिकार है। सरकार की चुप्पी ने छात्रों का भविष्य जोखिम में डाल दिया है।
वहीं छात्र ओम वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी पार्टी का नहीं, बल्कि उन लाखों विद्यार्थियों की आवाज है, जो बेहतर शिक्षा और समान अवसर की उम्मीद रखते हैं।



