अमित शाह को जदयू की चुनौती, मुंगेर से ललन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाएं
पटना : जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा पूरी तरह से असफल रही। जनसभा में सड़क छाप शब्दों का इस्तेमाल कर उन्होंने गृह मंत्री के पद को भी कलंकित किया।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने के बावजूद भी अमित शाह की जनसभा का फ्लॉप होना भाजपा के प्रति बिहार की जनता में व्याप्त आक्रोश का ताजा सबूत है। उन्होंने कहा कि जनसभा में भीड़ जुटाने का मोर्चा स्वयं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व उनके आधा दर्जन केंद्रीय मंत्रियों ने संभाला हुआ था। गृह मंत्री घबराहट में अपना भाषाई संतुलन खो बैठे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति उन्होंने अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया।
जदयू के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि वह अमित शाह को यह चुनौती देते हैं कि वह 2024 का लोकसभा चुनाव मुंगेर से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के खिलाफ लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि लखीसराय की पवित्र भूमि स्वामी सहजानंद सरस्वती और कार्यानंद शर्मा जैसे विभूतियों के किसान आंदोलन की उर्वर भूमि रही है। क्या अमित शाह इन विभूतियों को राष्ट्रीय सम्मान देंगे?
अमित शाह ने छोटी सोच का परिचय दिया : रणवीर नंदन
वहीं, जदयू के पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ. रणवीर नंदन ने कहा कि अमित शाह ने लखीसराय में छोटी सोच का परिचय दिया है। वे लखीसराय में यही बताते रहे कि वे ही सबकुछ हैं। पीएम के रूप में नरेंद्र मोदी ही सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन आत्ममुग्धता में अमित शाह भूल गए कि वे भारत की उन महान हस्तियों और विभूतियों का अपमान कर रहे हैं, जो किसी दल के नहीं भारत के प्रधानमंत्री थे। इन प्रधानमंत्रियों में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी भी थे।

