केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सत्याग्रह
गयाजी। महीनों से संपूर्ण देश के छात्र, नवजवानों सहित कॉंग्रेस एवं विपक्षी दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के लगातार धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री के आवास पर धरना, संसद से सड़क तक चरणबद्ध आंदोलन के बाद भी नीट पेपर लीक, सी बी एस सी परीक्षा परिणाम में भ्रस्टाचार, घोटाला आदि के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार मानते हुए इस्तीफे की मांग अनसुनी करने के खिलाफ गयाजी में कॉंग्रेस पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने स्थानीय चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह कर महामहिम राष्ट्रपति से धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग किया।
सत्याग्रह कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कॉंग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुंना ने किया, तथा कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, अमित कुमार उर्फ रिंकू सिंह,युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, दामोदर गोस्वामी, सैफुल्ल इस्लाम,मदीना खातून,शौकत नवाब अली, रंजीत सिंह, ओंकार शक्ति ,अर्जुन गुप्ता,चंदन कुमार महतो,शंभु शर्मा,बबलू कुमार, परशुराम सिंह,मनोज मालाकार,सोहराब खान शिवनाथ प्रसाद,विनोद श्रीवास्तव,आदि अपने, अपने हाथों में विभिन्न नारों और मांगों के पोस्टर लेकर घंटों सत्याग्रह पर बैठे रहे।
सत्याग्रह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के 150 बार पेपर लीक की घटनाएं को सहते, सहते देशभर के छात्रों का गुस्सा अब ज्वालामुखी बन कर फ़ट रहा है, अब देश के छात्र धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटाए बिना मानने को तैयार नहीं है।
नेताओं ने ” छात्र- युवा नहीं झुकेगा, राहुल नहीं रुकेगा ” के नारों को बुलंद करते हुए धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने, सदन में इस मुद्दे पर बहस कराने, छात्रों पर जो मुकदमा हुआ है, उसे हटाने, जिन लोगों ने छात्रों को मारा, बेइज्जती किया उन पर कार्रवाई की जाये, मोदी सरकार और उनके गृह मंत्री ने छात्रों के साथ जो व्यवहार किया उसके लिए माफ़ी मागें आदि को पूरा कराने हेतु चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
25 जुलाई 2026 को गया जिला के सभी 24 प्रखंडों पर धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर बर्खास्तगी की मांग करेंगे।


