रातू रोड गोलीकांड का खुलासा, छह अपराधी गिरफ्तार, तीन पिस्टल, कार-बाइक और मोबाइल बरामद,एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी जानकारी
रांची : राजधानी रांची रातु थाना क्षेत्र के झखराटांड़ में बीते रविवार देर शाम को हुई गोलीकांड की गुत्थी को रांची पुलिस ने सुलझा लिया है। सोमवार को प्रेस वार्ता कर वरीय पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि घटना में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी निशानदेही पर तीन देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, एक कार और नौ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गौरतलब है कि 7 सितंबर की रात प्रदीप लोहरा उर्फ चरकू के घर पर अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना में हजारीबाग निवासी रवि कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति राजवल्लभ गोप गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी कुणाल कुमार उर्फ बसंत यादव का राजबल्लभ गोप से पुराना विवाद था। जमीन कारोबार को लेकर दोनों में लगातार तनातनी बनी रहती थी। पिछले वर्ष राजबल्लभ ने कुणाल के पिता के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद कुणाल बदला लेने की फिराक में था। इसी रंजिश के कारण कुणाल ने अपने साथी लालमोहन प्रजापति, बबलू यादव और अन्य अपराधियों के साथ मिलकर राजबल्लभ की हत्या की साजिश रची। इसके लिए पाँच लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।
6 सितंबर को सभी आरोपी ठाकुरगांव में इकट्ठा हुए और योजना के अनुसार राजबल्लभ की रेकी की। शाम करीब 6:15 बजे अपराधियों ने प्रदीप लोहरा के घर पर हमला बोला। लेकिन गलती से उन्होंने रवि कुमार को राजबल्लभ समझकर उस पर गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।
गिरफ्तार आरोपियों में कुणाल कुमार, लालमोहन प्रजापति, इमरोज अंसारी, बबलू यादव, श्रीचंद प्रजापति और विजय प्रजापति शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी का आपराधिक इतिहास रहा है और ये रंगदारी वसूलने, जमीन विवाद और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि त्वरित कार्रवाई के बाद मामले का पर्दाफाश हुआ है और आगे की जांच जारी है।



