331 साल पुराना है रांची में रथ मेला इतिहास, एक जुलाई को है रथ मेला
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में लगने वाला रथ मेला का इतिहास 331 साल पुराना है। रांची में 1691 से रांची में जगन्नाथपुर में रथ मेला लगता चला आ रहा है। पिछले दो साल कोराना के कारण रथ मेला का आयोजन नहीं हो पाया था। इस साल रथ मेला का भव्य आयोजन होगा। इस साल नए रथ में भगवान जगन्नाथ सवार होंगे। नए रथ का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। भुनेश्वर के कारीगर इस रथ को नया रूप देने में जुटे हुए हैं। दरअसल 2012 में बना पुराना रथ खराब हो गया थाl साथ ही उसकी लकड़ियाँ भी खराब हो गयी थीl नए रथ का निर्माण पुरी में बने रथ की तर्ज पर ही किया जा रहा हैl जिसमें आठ पहिये और चार दरवाजे होंगेl रथ की लंबाई 26 फीट होगी और चौड़ाई 32 फीट होगीl इस साल रथ यात्रा एक जुलाई को होगी। नेत्र दान 30 जून को होगा। एक जुलाई को जगन्नाथ महाप्रभु अपने भाई बलभद्र एवम बहन सुभद्रा के साथ नौ दिनों के लिए मौसी बाड़ी जाएंगेl 10 जुलाई को घूरती रथ का आयोजन किया जाएगाl

