रामलीला उत्सव समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर शुक्ला के आकस्मिक निधन से शोक की लहर
मुंबई: जिन्दगी तो बेवफा है एक दिन ठुकराएगी,मौत महबूबा है एक दिन साथ लेकर जायेगी,जी हां सभी लोगों को जीवन जीने की कला सिखाने वाले शुक्ला जी स्वयं ईश्वर की शरण में चले गए!उनके आकस्मिक निधन से शोक की लहर दौड़ गई है। गौरतलब हो कि मुंबई के घाटकोपर में उन्होंने अंतिम सांस ली।विदित हो कि चंद्रशेखर आर शुक्ला जी
उत्तर भारतीय समाज रत्न से सम्मानित गरीबों के मसीहा लोकप्रिय समाजसेवी व समाज के पुरोधा थे।वे मुंबई से लेकर उत्तर प्रदेश तक एक अलग पहचान बनाने वाले व श्री रामलीला उत्सव समिति के प्रमुख थे। वहीं लोकाधिकार सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। उन्होंने मुंबई के घाटकोपर में हजारों उत्तर भारतीय गरीब कन्याओं की शादी के अलावा जनसेवा से अपनी अलग पहचान बनाई।उनके अचानक चले जाने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। चन्द्रशेखर शुक्ल जी के अंतिम दर्शन हेतु उनके निवास स्थान रेखा अपार्टमेंट घाटकोपर वेस्ट मुंबई में गुरुवार को सुबह 9 बजे से हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। उसके बाद सुबह 11 बजे पार्थिव शरीर को दाह संस्कार व अंतिम यात्रा के लिए पार्क साईट के वर्षानगर के लिए निकाला गया।जहां घाटकोपर इलाके में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु हजारों उत्तर भारतीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले लोगों में कई गणमान्य लोग शामिल थे।उनके आकस्मिक निधन पर उत्तर भारतीय बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामविलास पाठक ने कहा कि शुक्ला जी के निधन से पूरे उत्तर भारतीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी बेहतरीन इंसान थे। उन्होंने पिछले 20 वर्षों से रामलीला उत्सव समिति के माध्यम से सनातन धर्म व समाज में मानवता की मिशाल कायम की है।वे हमेशा हमारे समाज में एक आदर्श के रूप में जीवित रहेंगे।वहीं घाटकोपर इलाके के चर्चित कारोबारी संजय सिंह,हरीश नाथ पाण्डेय, देव सिंह उर्फ बुलेट भाई,देवेंद्र सिंह व जयप्रकाश के अलावा कई वरिष्ठ लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

