मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन
खूंटी,तोरपा: झारखण्ड उलगुलान संघ के तत्वावधान में मंगलवार को तोरपा प्रखंड विकास कार्यालय परिसर धरना दिया गया। कार्यक्रम संयोजक अलेस्टेयर बोदरा एवं कोषाध्यक्ष विजय गुड़िया ने धरना को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला।उन्होंने कहा कि झारखण्डी हित तथा आदिवासियों के संवैधानिक प्रावधानों को दरकिनार कर तरह तरह के नीति-नियम, अधिनियम, परिनियम थोपकर अस्तित्व, अस्मिता, पहचान, संस्कृति, परम्परा, व्यवस्था, भाषा तथा जल-जंगल-जमीन के मालिकाना हक को समाप्त करने का षडयंत्र किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता के लागू किए जाने से आदिवासियों एवं मूलवासियों के विशेषाधिकार प्रभावित होंगे। भू-दस्तावेजों के ऑनलाइन किए जाने में बहुत सारी खामियां एवं त्रुटियां हैं, खेवट-खतियान में गड़बड़ी, खाता नम्बर एवं प्लॉट नम्बर में गलती, तथा मुंडारी खूंटकट्टी एवं भुईंहरी लगान रसीद काटने के अधिकार से पारम्परिक मुंडा को वंचित किया जाना सोची समझी साजिश है। भूमि बैंक एवं लैंड पूल नीति गाँव के सामुदायिक भू-अधिकार यथा-सरना, मसना, ससन, हड़गड़ी, अखड़ा तथा चरागाह से वंचित किया जा रहा है। पेसा कानून के नियमावली निर्माण में ग्राम-सभा के दायित्व एवं कृत्य को नजरअंदाज किया जाना संविधान की अवहेलना है। वन (संरक्षण) संशोधन विधेयक को लागू किया जाना झारखंडियों को जंगल से अलग कर पूंजीपतियों को सौंपने की सोच है।
इसके अलावा आदिवासियों एवं मूलवासियों के जमीन के अवैध हस्तांतरण तथा कब्जा से मुक्त करने हेतु टीएसी द्वारा गठित विशेष उप समिति को क्रियाशील करने तथा उच्च न्यायलय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग किया जाना चाहिए। मुंडारी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए एवं तोरपा एवं रनिया प्रखंड में हाथियों के प्रकोप से स्थायी समाधान किया जाए।
इन विषयों को लेकर राज्यपाल के नाम से मांग-पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी, तोरपा को सौंपा गया। इस धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से पड़हा राजा विलियम तोपनो, जयमसीह तोपनो, कुलन पतरस आईंद, फूलजेम्स तोपनो, जोन जुरसन गुड़िया, मसीहदास गुड़िया, जीवन हेमरोम, जोन फेडरिक तोपनो, बेनेदिक्त नवरंगी, सामड़ोम तोपनो, अमृत गुड़िया एवं मनसिद्ध गुड़िया सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

