राजपथ पर परेड करना राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक : कुलपति
राँची:राँची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में बुधवार को विश्वविद्यालय स्तरीय पूर्व गणतंत्र दिवस परेड चयन शिविर का आयोजन दीक्षांत मंडप में किया गया जिसमें राँची, खूँटी, सिमडेगा, गुमला एवं लोहरदगा के 24 महाविद्यालयों के 149 स्वयंसेवक एवं 44 कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल हुए।
इस अवसर पर राँची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने अपने सम्बोधन में कहा कि दिल्ली के राजपथ पर परेड करना स्वाभिमान का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि आज आप सभी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और राज्य स्तरीय पूर्व गणतंत्र दिवस परेड चयन में शामिल होकर पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर एवं गणतंत्र दिवस परेड शिविर , नई दिल्ली में शामिल होने का भरपूर प्रयास करें।उन्होंने कहा कि एन एस एस से समाज को बहुत उम्मीदें हैं एवं इसे साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।उन्होंने कहा कि युवा मन अगर समाज में बदलाव के लिए सकारात्मक पहल करेगा तो बदलाव निश्चित रूप से दिखेगा।
एन एस एस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने बताया कि आज के इस शिविर में राज्य स्तरीय चयन शिविर के लिए कुल 16 (08 पुरुष एवं 08 महिला ) का चयन किया जाएगा एवं राज्य स्तरीय चयन शिविर से पूरे झारखण्ड राज्य से कुल 30 एन एस एस स्वयंसेवकों का चयन पूर्व गणतंत्र दिवस के लिए किया जाएगा।
आज के चयन शिविर में एन सी सी के लेफ्टिनेंट डॉ गणेश चंद्र बास्के, डॉ जी के सिंह एवं एन सी सी के कैडेट क्रमशः अनीश, अंशु ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।चयनित सूची बाद में प्रकाशित की जाएगी।
आज के शिविर में आर यू के वित्तीय परामर्शी देवाशीष गोस्वामी,वोकेशनल कोर्सेज की उपनिदेशक डॉ स्मृति सिंह, डी आर -2 डॉ अजय लकड़ा, एन एस एस के कार्यक्रम पदाधिकारी क्रमशः डॉ कुमारी उर्वशी, डॉ कंचन कुमारी, डॉ विद्याशंकर, डॉ मगदली खलखो, डॉ टरेसा टुडू, डॉ एमलीन केरकेट्टा, डॉ कंचन मुंडा, डॉ बी एन प्रामाणिक, डॉ भारती खाखा, डॉ हेमंत कुमार, डॉ भारती सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में एन एस एस के दिवाकर आनंद, रोहित राज, मेराज, निकिता, अक्षिता, दीपक, पुरषोत्तम, पूजा आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही।

