ईमोशनल डेवलपमेंट एण्ड काउन्सेलिंग मॉड्यूल के तहत विशेष व्याख्यान का आयोजन
रांची : यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर रांची विश्वविद्यालय में चल रहे गुरु दक्षता 25 वां फैकल्टी प्रोग्राम के अंतर्गत ईमोशनल डेवलपमेंट एण्ड काउन्सेलिंग मॉड्यूल के तहत बुधवार को विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। यह व्याख्यान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भरत ने दिया। सत्र के कोर्स कोऑर्डिनेटर निखिल लकड़ा हैं । इस कार्यक्रम में झारखंड, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक शामिल हुए।
डॉ. विनय भरत ने अपने व्याख्यान में बताया कि छोटे बच्चे सहज, खुश, बुद्धिमान, निडर और वर्तमान में जीने वाले होते हैं, लेकिन बड़े होने पर यह गुण धीरे-धीरे कम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक अगर बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालते हैं, तो उनकी आत्मविश्वास और स्वाभाविक अभिव्यक्ति प्रभावित होती है। बच्चों को अनुशासित करने के लिए उन्होंने कई सुझाव भी दिए।
सत्र में डॉ. भरत ने उदाहरणों और कहानियों के ज़रिये बताया कि बच्चों को अधिक सुनना, उनके सवालों को बढ़ावा देना और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना ज़रूरी है। उन्होंने संस्कृत श्लोक “लालयेत् पञ्चवर्षाणि…” का अर्थ भी सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम में आए शिक्षकों ने इस सत्र को बेहद प्रेरणादायक और उपयोगी बताया। उनका कहना था कि इस तरह का प्रशिक्षण बच्चों की भावनात्मक और मानसिक वृद्धि के लिए बहुत सहायक है।



