क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन
खूंटी: जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा चाइल्ड इन नीड इंस्टिट्यूट( सीनी) के सहयोग से शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, गुणवत्तापूर्ण सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट, मिशन वात्सल्य पर जिले में बच्चों के संरक्षण और अधिकारों में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, चाइल्ड हेल्प लाईन यूनिट के नवनियुक्त कर्मियों, पारा लीगल वॉलंटियर्स का एकदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष तनुश्री सरकार ने कहा कि हम सब कानून से रक्षक है, हमें कानून के दायरे में कार्य करने की आवश्यकता है। बच्चों के साथ काम करते हुए हमें ध्यान रखना होगा कि बच्चे मासूम होते हैं, उनके साथ सकारात्मक माहौल में उनके सर्वोत्तम हित को जानते हुए कार्य करना होगा। इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी मो अल्ताफ खान ने कहा कि बच्चों के मामलों पर बहुत ही संवेदनशील होकर काम करने की आवश्यकता है। ऐसे में कार्यकर्त्ताओं की जिम्मेवारी और भूमिका काफी बढ़ जाती है। जिले में बाल संरक्षण में कार्य कर रहे विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं एक मंच पर आ गए है, यह काफी अच्छी बात है। देखभाल और संरक्षण वाले बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामाजिक अन्वेषण काफी महत्वपूर्ण है, इससे बच्चों के पारिवारिक पुनर्स्थापन और सरकार की योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के सन्दर्भ और उद्देश्य पर चर्चा करते हुए संरक्षण पदाधिकारी (संस्थागत देखरेख)सम्मिमुदीन अंसारी ने मिशन वात्सल्य, जेजे एक्ट के अन्तर्गत देखरेख एवं संरक्षण वाले और विधि विवादित बच्चों, उनके पुनस्थार्पन की प्रकिया और सावधानियां पर विस्तार से बताया। सीनी के कुमार सौरभ और अजीत कुमार ने सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन, बाल सुरक्षा नीति, बाल अधिकार, कठिन परिस्थिति के बच्चों के श्रेणियों, गृह अध्ययन रिपोर्ट की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कार्य कर रहे संस्थाओं की मैपिंग भी की गई। कार्यक्रम में एलपीओ पुतुल कुमारी, अजीत वर्णवाल, रानी टूटी समेत जिले में कार्यरत विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि, सीएचएल के कर्मी, पीएलवी आदि उपस्थित थे।

