वेदांता ईएसएल के स्थाई रैयत कर्मचारियों का चक्का जाम, वार्ता के बाद एक सप्ताह का अल्टीमेटम
बोकारो। चंदनकियारी प्रखंड के सियालजोरी स्थित (वेदांता ईएसएल) में स्थाई रैयत कर्मचारियों ने बीते मंगलवार सुबह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आरएचएम गेट सहित कंपनी के सभी गेटों पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि नियोजन से पूर्व कंपनी ने उन्हें बीपीओ श्रेणी में स्थायी रूप से कार्य देने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष की ट्रेनिंग के बाद करीब आठ महीने पहले बिना सूचना के उन्हें अस्थाई ठेकेदार के अधीन कर दिया गया।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सियालजोरी थाना पुलिस एवं नोडल पदाधिकारी की पहल पर आरएचएमएस गेट पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में कंपनी प्रबंधन ने लंबित वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजने की बात कही। हालांकि, बीपीओ में पुनः कार्य देने के बजाय अस्थाई ठेकेदार के तहत काम कराने के प्रस्ताव को कर्मचारियों ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कंपनी ने समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बीपीओ में स्थायी कार्य की अनुमति नहीं दी गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।कर्मचारियों का आरोप है कि विरोध करने पर उनका वेतन रोका गया, किसी प्रकार की वेतन वृद्धि नहीं हुई और 13 दिसंबर को डिप्टी सीईओ द्वारा उनकी गेट एंट्री बंद कर दी गई, जिससे उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा।वहीं, कंपनी की ओर से आधिकारिक बयान में ईएसएल स्टील लिमिटेड के हेड–स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट संजय कुमार ने कहा कि 1 नवंबर 2025 से प्लांट परिसर में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू है, जिसका कुछ संविदा कर्मी पालन नहीं कर रहे हैं। इस मुद्दे पर जिला श्रम आयुक्त, कार्यपालक दंडाधिकारी एवं स्थानीय पुलिस प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संवाद किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की अनुमति के बिना सड़क अवरोध अवैध है और कंपनी सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
फिलहाल वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित है, लेकिन कर्मचारियों के अल्टीमेटम के कारण आने वाला सप्ताह निर्णायक माना जा रहा है।



