दीपावली पर गरुड़ ध्वज में दीपों के वृक्ष का अलौकिक दर्शन हुआ

रांची: श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में दीपावली पर्व को ले तीन दिनों से निरंतर चल रहे यह महानुष्ठान में गुरुवार को प्रात: से ही भागवत प्रिय गोविन्दा का सेवा, पूजा, आराधना, स्तुति आदि शुरु हो गया था और भाँति-भाँति उपचार से वेणुनायक प्रिय गोविन्दा का माभिषेक कराकर अद्भूत मनमोहक आभूणों से श्रृंगार, फूलों के हार और गण्डमाल से सुशोभित कराया गया। अनेकानेक स्वादु व्यंजनों का नैवेद्य भोग लगा और दिनभर स्तोत्रों का पाठ चलता रहा। भक्तों को राक्षस आदि दोषों से सुरक्षा तथा मनोभिलाषित वरों के लिए अर्चना होता रहा।
सायं प्रदोषकाल के समय से विजयप्रद नीराजन कर्म के अन्तर्गत सभी अर्चक, परिचारक और श्रद्धालुगण दीप प्रज्ज्वलित कर मन्दिर के चप्पे- चप्पे में सजाने को जुट गये। चारो तरफ दीवारों में चमकते तारों के सदृश लूप-लूप करती विद्युत लड़ियाँ और मन्दिर के कोने-कोने में अन्दर से वाहर तक दीपों के समुह से जगमग – जगमग करते, दर्शनार्थीयों के मन को प्रफुल्लित और मोहित किये जा रहा था। गरुड़ ध्वज के पास दीप वृक्ष स्वर्ग के शोभा को फीका कर रहा था और गोपुरम मुख्य द्वार के आगे खीले हुए कमल फूल के ऊपर ऊँकार का आकार बड़ा ही दिव्य लग रहा था।
आज के महाभिषेक में यजमानः आनंद प्रकाश-राधिका अग्रवाल, शशिभूषण – वीणा सिंह और अनूप – मधु अग्रवाल तीनों ही राँची निवासी जबकि पुष्प श्रृंगार कराया : ओमप्रकाश – मंजू गाड़ोदिया तथा दिनभर का भोग लगाया : सुशील – सरीता गाड़ोदिया राँची निवासी ने मन्दिर संचालन समिति की कार्यकारी अध्यक्ष : श्रीराम अवतार नारसरिया के निर्देशन में यह महानुष्ठान संपन्न हुआ।

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