निलंबित तीनों कांग्रेसी विधायकों को स्पीकर के ट्रिब्यूनल से नोटिस जारी
रांची: कैशकांड में कांग्रेस के निलंबित तीनों विधायकों को स्पीकर के ट्रिब्यूनल से नोटिस जारी किया है.निलंबित तीनों विधायकों में इरफ़ान अंसारी,राजेश कच्छप,नमन विकसल कोंगाड़ी पर पार्टी विरोधी कार्य करने का आरोप लगा है.इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें नोटिस भेजा है.
कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने तीनों विधायकों पर दलबदल का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.तीनों विधायक को नोटिस जारी: जानकारी के मुताबिक स्पीकर के ट्रिब्यूनल ने तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है. जमानत मिलने के बाद तीनों विधायक कोलकाता में हैं. कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, अनूप सिंह और भूषण बाड़ा की शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गयी है. शिकायत करने वाले विधायकों के मुताबिक तीनों निलंबित विधायकों ने भाजपा में शामिल होने के लिए 10 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर किया गया था. इससे पहले पार्टी ने तीनों विधायकों को शोकॉज किया था.इरफान ने पेश की सफाईः इरफान अंसारी ने ईटीवी भारत को फोन पर बताया कि तीनों विधायकों को नोटिस मिला है और 1 सितंबर को ऑनलाइन अपना पक्ष रखने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि उनकी किसी भी विधायक से कोई बात हुई ही नहीं है. उन्होंने कहा कि साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है. इरफान अंसारी ने कहा कि मांडर उपचुनाव में उन्होंने एआईएमआईएम के खिलाफ जाकर शिल्पी नेहा तिर्की के लिए चुनाव प्रचार किया था और मुसलमानों को एकजुट किया था. इसके बावजूद शिल्पी नेहा तिर्की की तरफ से इस तरह का आरोप लगाया जाना बहुत दुखद है.क्या है पूरा मामला: बता दें कि पिछले दिनों तीनों विधायक हावड़ा में पकड़े गए थे और उनके पास से 49 लाख रुपए कैश मिले थे. पूरे मामले की जांच कोलकाता सीआईडी (Kolkata CID) कर रही है. पिछले दिनों जमानत पर जेल से बाहर निकलने के बाद इरफान अंसारी और राजेश कच्छप ने खुद को कांग्रेस का वफादार सिपाही बताते हुए साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में तमाम विधायकों को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि पार्टी के फैसले से इतर जाने पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

