बिहार में नक्सली विजय आर्य के कई ठिकानों पर एनआइए की रेड, पटना, औरंगाबाद, गया, रोहतास में छापेमारी
पटना। बिहार में नक्सली विजय आर्य के कई ठिकानों पर एनआइए ने रेड की। इस क्रम में विजय के पटना, औरंगाबाद, गया और रोहतास में छापेमारी की गई। वह माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य है। पटना के शास्त्रीनगर स्थित एजी कालोनी , औरंगाबाद के गोह , गया के करवा गांव स्थित पैतृक आवास पर सुबह से ही एनआइए ने अपनी दबिश बढ़ा दी है। रोहतास में भी विजय आर्य के सहयोगियों के दो ठिकानों पर एनआईए छापेमारी की जा रही है। वहीं गया के गुरारू प्रखंड के अंतर्गत कोंच थाना क्षेत्र के करमा गांव में स्थित विजय कुमार आर्य के पैतृक घर पर एनआइए की टीम ने छापेमारी की। हालांकि विजय फिलहाल पटना के बेउर जेल में बंद है। छापामारी से गांव के ग्रामीणों में दहशत कायम हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने एनआइए की कार्रवाई से दूरी बना रखा है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब आठ बजे तीन वाहनों पर पुलिस के जवानों के साथ एनआइए की टीम यहां छापेमारी करने पहुंची । एनआइए की टीम घर में मौजूद विजय आर्य की पत्नी किरण देवी व परिवार के अन्य महिला सदस्यों से पूछताछ भी की। पुलिस के जवानों के अतिरिक्त पूछताछ करने वाले लोगों में तीन से चार की संख्या में एनआइए के सदस्य मौजूद थे। करमा गांव प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सांस्कृतिक राजधानी के रूप में चर्चित है । इस गांव के निवासी विजय संगठन के केंद्रीय कमेटी में भी अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं । करीब 80 के दशक से वर्ग संघर्ष की आग ने विजय को भी नक्सली संगठन से जुड़ने के लिए मजबूर कर दिया । जिसके बाद उन्होंने कभी समाज के मुख्यधारा से जुड़ाव नहीं रखा ।
बताते चलें कि 12 अप्रैल को रोहतास के सम्हूता गांव के उमेश चौधरी के घर में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीम ने रेड की थी। वहां से विजय कुमार आर्य उर्फ दिलीप उर्फ अमर उर्फ यशपाल जी उर्फ यशपाल उर्फ प्रभात उर्फ रमण जी उर्फ श्रवण जी, पिता रामजतन सिंह यादव, ग्राम करमा, थाना कोच, जिला गया एवं उमेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार विजय आर्य ने बताया कि वे भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के केंद्रीय कमेटी के प्रभारी हैं। उनके पास से हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और टैबलेट समेत कई नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए थे।

