बिहार में महिला पुलिस के शृंगार पर रोक: ड्यूटी के दौरान नहीं पहन सकेंगी नथिया, बडे झुमके

भागलपुर। बिहार पुलिस विभाग ने महिला पुलिसकर्मियों के कर्तव्य पालन के दौरान सजने-संवरने पर रोक लगा दी है। अब राज्य की महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी के समय नथिया, बड़े झुमके, चूड़ियां, अत्यधिक मेकअप या अन्य आभूषणों का उपयोग नहीं कर सकेंगी। यह फैसला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के निर्देश पर लिया गया है, जिसका मकसद पुलिसबल में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना है।यह फैसला केवल ड्यूटी के समय लागू होगा। पुलिसकर्मी निजी जीवन में अपनी पसंद के अनुरूप वस्त्र और शृंगार का इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन वर्दी में रहते हुए उन्हें मर्यादा बनाए रखनी होगी।पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें सभी रेंज आईजी, जिलों के एसएसपी और एसपी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस नियम का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

ड्यूटी के दौरान अनुशासन जरूरी :
डीजीपी ने हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में पाया कि ड्यूटी पर तैनात कई महिला पुलिसकर्मी पारंपरिक व भारी आभूषणों और चटकदार सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग कर रही हैं। उन्होंने यह माना कि यह आचरण पुलिस विभाग की गरिमा, अनुशासन और मर्यादा के अनुकूल नहीं है। बैठक में उन्होंने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस की वर्दी पहनते समय सभी कर्मियों को एक समान मर्यादा का पालन करना चाहिए, चाहे वे महिला हों या पुरुष।

मोबाइल फोन और सौंदर्य प्रसाधनों पर भी नजर :
रिपोर्टों के अनुसार, गश्ती दलों में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को कई बार बड़े झुमके, नथिया, चमकीले लिपस्टिक या लिप बाम और खुले बालों के साथ देखा गया है। कुछ मामलों में महिला कर्मियों को हाथ में एंड्रॉयड मोबाइल फोन के साथ सार्वजनिक स्थानों पर बातचीत करते हुए भी देखा गया, जिससे आम लोगों में पुलिस की छवि प्रभावित हो रही थी।

वर्दी की मर्यादा सर्वोपरि :
पुलिस विभाग का मानना है कि वर्दी केवल कपड़ों का एक प्रकार नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक है। इसमें लापरवाही या व्यक्तिगत स्टाइल का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह निर्देश महिला पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी के समय अधिक पेशेवर और अनुशासित बनाए रखने की दिशा में एक प्रयास है।

आदेश का सख्ती से पालन अनिवार्य :
पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी करते हुए सभी जिला और रेंज अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे अधीनस्थ महिला कर्मियों को इस आदेश की जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि इसका पालन हर हाल में किया जाए। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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