रांची में ‘क्षत्रिय गौरव एकता महाकुंभ,देशभर से पहुंचे सांसद और विधायक
गणादेश,रांची: राजधानी रांची के पुराना विधानसभा मैदान में रविवार को ‘क्षत्रिय गौरव एकता महाकुंभ’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और क्षत्रिय समाज के हजारों लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में समाज के लोगों की उपस्थिति ने इस समागम को ऐतिहासिक रूप दे दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षत्रिय समाज की एकता, सामाजिक जागरूकता और युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना बताया गया।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व सांसद वृजभूषण सिंह, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, शिवहर (बिहार) की सांसद लवली आनंद, धनबाद के मेयर संजीव सिंह सहित कई सांसद, विधायक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने क्षत्रिय समाज के इतिहास, परंपरा और वर्तमान समय में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद वृजभूषण सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और यह समाज हमेशा से सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने इतिहास और संस्कृति को जानना चाहिए। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शों और मर्यादा का प्रतीक है, इसलिए समाज के लोगों को उनके चरित्र से प्रेरणा लेकर समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और पूर्व विधायक प्रवीण सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज ने हमेशा देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद होने वालों में बड़ी संख्या क्षत्रिय समाज के जवानों की रही है। उन्होंने घोषणा की कि ‘क्षत्रिय गौरव एकता’ संगठन समाज की गरीब बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए छात्रावास की व्यवस्था करेगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को पढ़ाई में कोई बाधा न हो। उन्होंने युवाओं से नशा छोड़ने और समाज के विकास में योगदान देने की अपील भी की।
वहीं सांसद लवली आनंद ने कहा कि वर्तमान समय में क्षत्रिय समाज की एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज की महिलाओं को भी आगे आकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए और दहेज मुक्त समाज बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुनील सिंह, पी.एन. सिंह सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज की एकजुटता और सामाजिक उत्थान पर बल दिया।



