बाढ़ग्रस्त इलाके की जर्जर सड़कों का सांसद प्रतिनिधि अर्पणा ने किया निरीक्षण, जल्द मरम्मत के दिए निर्देश

भागलपुर। गंगा नदी का उफनता स्वरूप अब तटीय इलाकों के साथ-साथ सड़कों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। नदी के तेज बहाव से कई जगहों पर सड़कों को नुकसान पहुंचने लगा है। ऐसे में स्थानीय लोग बाढ़ की स्थिति में इन्हीं सड़कों के सहारे सुरक्षित स्थानों तक पहुंचते हैं। आवागमन के इस मुख्य स्रोत की सुरक्षा समय पर हो इसलिए समय रहते सड़कों की मरम्मत अत्यंत आवश्यक है। जब यह इलाका बाढ की विभीषिका से त्रस्त हो उठता है तो प्रभावित ग्रामीण इन सड़कों पर ही शरण लेते हैं।

निरीक्षण के दौरान एनएच-31 से सधुआचापर, हाई लेवल ब्रिज और सधुआचापर गांव होकर अजीमाबाद तक जाने वाली सड़क की खराब स्थिति पर अधिकारियों को मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। शेरमारी गांव स्थित चायटोला के पास की क्षतिग्रस्त सड़क पर ईंट, एनसी और ईसी बैग डालकर आवागमन लायक बनाने की कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त एनएच-31 के समीप स्थित प्रेसीडेंसी स्कूल मार्ग, इस्माइलपुर-लक्ष्मीपुर रोड, नवटोलिया मोड़ और भगोया बासा के टर्निंग प्वाइंट पर सड़क चौड़ीकरण के निर्देश भी दिए गए। सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि इन स्थानों पर चौड़ाई कम होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, जिन्हें रोकने के लिए यह आवश्यक कदम है।

निरीक्षण के उपरांत अर्पणा कुमारी ने कहा कि नवगछिया बाढ़ प्रभावित इलाका है, जहां बाढ़ के दिनों में सड़कों के किनारे पानी भर जाता है और ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो जाता है। ऐसे में आवश्यक है कि सड़कों को समय रहते दुरुस्त किया जाए ताकि आपातकालीन स्थिति में भी आवागमन प्रभावित न हो। प्रभावित इलाके तक सुरक्षित पहुंचा जा सके।

इस निरीक्षण अभियान में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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