विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से अधेड़ व्यक्ति की मौत
आरा। भोजपुर जिले के सिकरहटा थाना क्षेत्र के सिकरौल गांव स्थित बधार में विद्युत प्रवाहित तार कि चपेट में आने से अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना को लेकर लोगों के बीच अफरातफरी का आलम रहा। गौरतलब हो कि मृतक सिकरहटा थाना क्षेत्र के सिकरौल गांव निवासी श्रीभगवान सिंह के पुत्र संतोष सिंह हैं। वह पेशे से किसान थे। उधर घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। जिसके बाद मुआवजे की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने बीच रास्ते से ही शव को वापस गांव ले जाकर बिहिया-बिहटा स्टेट हाईवे पर सिकरौल गांव के समीप शव को सड़क के बीचों-बीच रख, सड़क जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रखा गया। सड़क जाम होने कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। आवागमन पूरी तरह ठप रहा। वहीं सड़क जान की सूचना मिलते ही सिकरहटा थानाध्यक्ष राजीव रंजन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।और लोगों को समझा-बुझाकर जाम को हटवाया। इसके पश्चात पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। इधर मृतक के चाचा निवास सिंह ने बताया कि कि वह गांव के बधार में स्थित अपने खेत में रोपनी कर रहे थे। जहां बगल के खेत में लगे अमरूद के पेड़ के कारण चारों तरफ बिजली का तार लगाया गया था। उसका कुछ तार उनके खेत के तरफ पास गड़ा था। रोपनी करने के दौरान वह उसी विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद परिजन द्वारा उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया जा रहा था। तभी उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजन उनके शव को वापस गांव ले गए। बताया जाता है कि मृतक चार भाइयों में बड़े थे। उनके परिवार में मां सीता देवी,पत्नी उषा देवी व दो पुत्री पूजा,खुशबू एवं एक पुत्र राहुल कुमार है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। इस घटना के बाद मृतक की मां सीता देवी,पत्नी उषा देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

