झारखण्ड उलगुलान संघ की बैठक में कई मुद्दे पर चर्चा
खूंटी: झारखण्ड उलगुलान संघ की विशेष बैठक रविवार को देवगुड़ी स्थल, मुंडा कुंजला में रतन सिंह मुंडा की अध्यक्षता में हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि पेसा कानून के तहत पारम्परिक ग्राम सभा को अधिकार सम्पन्न बनाने के प्रति झारखण्ड सरकार का उदासीन रवैया चिन्ताजनक है। दो महीने में पेसा कानून को हूबहू लागू करने हेतु झारखण्ड हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद तय समय सीमा में झारखण्ड सरकार द्वारा अनुपालन नहीं किया जाना कोर्ट का अवमानना तो है ही, साथ साथ अनुसूचित क्षेत्र को भी संवैधानिक अधिकार से वंचित करने का काम किया गया है। आबुआ सरकार का दम्भ भरने वाली हेमंत सरकार का आदिवासियों के प्रति कथनी और करनी में बहुत अन्तर है। गाँव के गैरमजरूआ जंगल और जमीन को भूमि बैंक नीति से मुक्त करने के वादे पर भी हेमन्त सरकार फेल हो गई है। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के प्रावधानों के विपरीत आचरण करने वाली झारखण्ड सरकार को चेतावनी देने हेतु15 अक्टूबर को जिला समाहरणालय, खूंटी के समक्ष एक दिवसीय महाधरना निश्चित किया गया है। बैठक में मूख्य रूप से मसीहदास गुड़िया, जोन जुरसन गुड़िया, सुबोध पूर्ती, कुलन पतरस आईन्द, फूलचन्द टूटी, जीवन हेमरोम, सुकरात होरो एवं चोड़ेया मुंडा आदि उपस्थित थे।

