दुर्घटना ग्रस्त होने पर झारखंड के पत्रकारों को नहीं मिल रहा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ
रांची: देश और राज्य में किसी भी पार्टी की सरकारें बनती है तो जनता के लिए बड़ी बड़ी बातें और वादे करती है। लेकिन उन वादों को सत्ता मिलते ही अक्सर राजनेता भूल जाते हैं। उनको समय समय पर यदि मीडिया खबरों के माध्यम से प्रकाशित नहीं करे तो ये लोग भूल ही जायेंगे। मीडिया एक सजग प्रहरी की तरह काम करता है हां वर्तमान समय में कुछ मीडिया सत्ता के दवाब में रहती है। लेकिन अभी भी देश में कई ईमानदार पत्रकार मोर्चा संभाले हुए हैं। वे अपनी कलम की ताकत से सत्ता हिलाने की भी क्षमता रखते हैं।
खैर, छोड़िए इन सब बातों को झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकारों के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना विधानसभा में पारित कराया। इस योजना के पारित होने के बाद भी यहां के पत्रकारों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से पत्रकारों ने प्रीमियम भी जमा किया। उसके बावजूद दुर्घटना ग्रस्त होने की स्थिति में पत्रकारों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ताजा मामला पत्रकार प्रेम किशोर का है। पिछले दिनों वे बाइक से एक्सीडेंट कर गए थे। इसमें उनकी बाई पैर की हड्डी टूट गई। ऑपरेशन में चिकित्सकों ने लंबा खर्च बता दिया। प्रेमकिशोर ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रीमिमियम भी जमा किया था।लेकिन उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला। गरीब पत्रकार आखिर अब कहां जायेगा। किसी तरह अपने साथियों से लेकर उन्होंने अपने पैर का ऑपरेशन करवाया। सवाल यह है की जब योजना को लागू ही नहीं करना है तो सरकार को उसे पारित ही नहीं करना चाहिए। सिर्फ पत्रकारों को लॉलीपॉप थामा दिया गया।

