झारखंड विधानसभा बजट सत्र: धान खरीद नहीं होने,समर्थन मूल्य नहीं मिलने के विरोध में बीजेपी विधायकों का प्रदर्शन
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन गुरुवार को सदन के बाहर बीजेपी विधायकों ने विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा किसानों से धान की खरीद नहीं होना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिलना और डीजे पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर था। बीजेपी विधायकों ने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
विधायकों ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में धान की खरीद नहीं की जा रही है, जिसके कारण किसान मजबूरी में अपना धान औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने को विवश हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर उन घोषणाओं का असर दिखाई नहीं दे रहा है।
नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकारी खरीद केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो रही है, तो किसान अपना धान आखिर कहां रखें। उनका आरोप है कि बिचौलियों के माध्यम से मार्च तक धान की खरीद की जाती है, जिससे बिचौलियों को फायदा मिलता है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ ऐसे लोग भी धान बेच रहे हैं जिनके पास खेती की जमीन तक नहीं है, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कृषि विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर, लैम्प्स और पैक्स की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के बजाय बिचौलियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। मरांडी ने कहा कि बीजेपी किसानों के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी और इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा।



