नागालैंड में अकेले लड़ेंगे चुनाव, जदयू को बिहार, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर है मान्यता: ललन सिंह
पटनाः जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा है कि नागालैंड में जदयू अकेले चुनाव लड़ेगी। साल 218 में जदयू ने नागालैंड में विधानसभा चुनाव लड़ा था। एक सीट पर जीत भी हासिल हुई थी। एक सीट पर काम मर्जिन से हार हुई थी। नागालैंड में 5.6 फीसदी वोट मिले थे। चुनाव आयोग के मापदंड के अनुसार जिन राज्यों से 100 से कम विधानसभा सीट हैं, वहां कम से कम तीन सीट जीतना या छह फीसदी प्रतिशत वोट प्राप्त करना होता है। इन मापदंडों को 2018 में नागालैंड में पूरा नहीं कर पाया था। इस बार के चुनाव में चुनाव आयोग के इन मापदंडों को पूरा कर लिया जाएगा। कहा कि जदयू को बिहार, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर मान्यता है। उम्मीद है कि नागालैंड में इस बार बेहतर प्रदर्शन होगा। चार राज्यों में मान्यता मिलने के बाद पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है। इसलिए उनका ध्यान नागालैंड में बेहतर प्रदर्शन करने का है। इसके लिए वे लगातार वहां जा रहा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा से जदयू का गठबंधन सिर्फ बिहार में है। शेष जगह वह भाजपा के खिलाफ ही लड़ती है। पिछली बार जब उनकी पार्टी अरुणाचल प्रदेश में चुनाव लड़ी थी, वहां भाजपा से ही उनका मुकाबला था। मणिपुर में उनकी पार्टी छह सीट जीती थी, वह भी बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़कर।

