ईशान किशन : सब पर भारी एक बिहारी
पटना (बिहार) के ईशान किशन ने कल शनिवार को विश्व क्रिकेट के पटल पर अपने सुनहरे हस्ताक्षर कर दिये। ऐसा हस्ताक्षर, जिसके आगे दुनिया के महानतम क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा, विस्फोट बल्लेबाज रहे सहवाग और क्रिस गेल की चमक भी धुंधली पड़ गई। देश, विशेषकर बिहार वासियों के लिए सचमुच यह जश्न मनाने का समय है।
ईशान ने एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाकर दुनिया के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकार्ड तोड़ दिया । गेल ने अपना दोहरा शतक 128 गेंदों पर लगया था जबकि पूरी दुनिया ने दांतों तले उंगली दबा ली थी। ईशान ने शनिवार को चटगांव में बंग्लादेश के ख़िलाफ़ यह करिश्मा मात्र 126 गेंदों पर पूरा कर लिया। यह वाकई अदभुत था। उन्होंने क्रिस गेल का विश्व रिकार्ड तो तोड़ा ही सबसे तेज दोहरा शतक लगाने के मामले में सहवाग, तेंदुलकर और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को भी पीछे छोड़ दिया।
ईशान की अलग पहचान पटना में तीन दशकों से नियमित आयोजित हो रही सुखदेव नारायण स्कूली क्रिकेट प्रतियोगिता में हुई थी। उनके खेल को देख कर सभी ने कहा था कि इस लड़के में विलक्षण प्रतिभा है।
ईशान किशन के खेल को निखारने और फिर उसे परवान चढ़ाने में अखिल भारतीय सुखदेव नारायण क्रिकेट के आयोजक विजय कुमार नारायण ‘ चुन्नू ‘ और अजय शर्मा का विशेष हाथ है, दोनों को विशेष धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को ईशान किशन के रूप में एक शानदार खिलाड़ी दिया है। मैंने खुद बाल ईशान को उस समय देखा है, जब उसने सुखदेव क्रिकेट में बेस्ट बल्लेबाज का पुरस्कार लिया था। क्या पता था कि यह बालक एक दिन चलकर ऐसा कीर्तिमान रचेगा!

