कहीं झारखंड की राजनीति ब्लैक होल की ओर तो नहीं बढ़ रही

रांची। झारखंड में सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा। आरोप और प्रत्यारोप के चल रहे इस दौर में कौन कब किसके लपेटे में आ जाए यह कहना भी मुश्किल हो गया है जितनी मुंह उतनी बातें सामने आ रही हैं बहरहाल झारखंड की राजनीति ब्लैक होल की ओर बढ़ती नजर आ रही है। सत्ता के गलियारों में चर्चा यह भी है कि कहीं झारखंड में राजनीतिक संकट न खड़ा हो जाए। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि कई विधायकों के सामने उनकी विधायकी की जाने का खतरा मंडरा रहा है समरी लाल, ममता देवी, अंबा प्रसाद, कमलेश सिंह, और भानु प्रताप शाही आरोपों के लपेटे में है। वही खदान लीज के मामले सीएम की कुर्सी पर भी खतरों का बादल मंडराता नजर आ रहा हैअब चुनाव आयोग के निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। बहरहाल इन सभी घटनाक्रम को देखते हुए भाजपाई रेस हो गए हैं। दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। और पार्टी आलाकमान को फीडबैक भी दे रहे हैं। चर्चा यह भी है कि अगर राजनीतिक संकट खड़ा हुआ तो राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इधर सत्ता में शामिल कॉन्ग्रेस इन घटनाक्रम को देखते हुए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। हालांकि कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार को स्थिर करने की कोशिश कर रही है लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होगा।

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