बैंकिंग क्षेत्र एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को लेकर इंडियन बैंक के एमडी और झारखण्ड चैंबर के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक

गणादेश,रांची : इंडियन बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ बिनोद कुमार और झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एक महत्वपूर्ण बैठक आज होटल रैडिसन, रांची में आयोजित हुई। बैठक में बैंक के निदेशक बालमुकुंद सहाय, जीएम (फील्ड जनरल मैनेजर- पटना) विवेक, जीएम (फाइनेंस एंड रूरल बैंकिंग) चंद्रशेखरन वी, रांची जोनल मैनेजर राजेश शरण तथा देवघर जोनल मैनेजर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान इंडियन बैंक के एमडी बिनोद कुमार ने झारखण्ड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल को वर्तमान सत्र का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई दी और टीम को सहयोगी रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि झारखण्ड में बैंक की वर्तमान में 165 शाखाएं कार्यरत हैं जिनका विस्तार लगातार किया जा रहा है। बैंक का मुख्य फोकस एमएसएमई और कृषि क्षेत्र में वृद्धि पर है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग कार्य समय पर पूर्ण हो, यह हमारी प्राथमिकता है, और झारखण्ड में बैंक की विजिबिलिटी बढ़ाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इंडियन बैंक एमएसएमई कारोबार, रियल स्टेट विकास, कलस्टर विकास पर विशेष ध्यान देगा।  फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से मेला लगाकर मुद्रा लोन संवितरित किया जाएगा।

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने एमडी का स्वागत करते हुए बैंक और उद्यमियों के परस्पर संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य में जीएम ऑफिस, अफसर एवं स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के साथ रीजनल कॉन्क्लेव आयोजित करने का सुझाव दिया, जिससे बैंक अपनी सेवाओं, साइबर अवेयरनेस एवं उद्योगों को दी जानेवाली योजनाओं के प्रति अधिक जागरूकता फैला सके। एमडी ने इस सुझाव पर सहमति जताई और अधिकारियों को अग्रतर कार्रवाई के निर्देश दिए। चेक क्लीयरिंग में हो रही समस्या पर उन्होंने अवगत कराया कि यह शुरुआती क्रम है जो सभी बैंकों द्वारा जल्द ही ठीक कर लिया जायेगा।

पूर्व अध्यक्ष रंजीत टिबड़ेवाल और मनोज नरेड़ी ने बैंक शाखा विस्तार में सीएनटी–एसपीटी एक्ट से उत्पन्न बाधाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एसबीआई एवं बैंक ऑफ इंडिया इन भूमियों पर कोलेट्रल लोन उपलब्ध करा रहे हैं इसलिए इंडियन बैंक को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए ताकि ट्राइबल वर्ग एवं एमएसएमई सेक्टर का उत्थान हो सके। एमडी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय की समीक्षा कर बैंक भी ऐसी स्कीम अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा। सह सचिव रोहित पोद्दार ने सुझाव दिया कि बैंक सिंगल विंडो लोन अप्रूवल सिस्टम विकसित करे, औद्योगिक शहरों में शाखाओं का विस्तार करे और सेक्टर वाइज इंडस्ट्री फोकस नीति अपनाए ताकि लोन प्रक्रिया आसान हो सके। इस पर एमडी ने कहा कि रांची के लालपुर शाखा में एमएसएमई और कृषि लोन की सुविधा विशेष रूप से उपलब्ध है। उन्होंने अपने अधिकारियों को इसके प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि 10 करोड़ रुपये तक का लोन सिंगल पॉइंट से स्वीकृत किया जाता है।

चैंबर ने रियल एस्टेट सेक्टर से संबंधित समस्याएं भी उठाईं विशेषकर जेडीए फॉर्मेट में शेयर/मॉर्टगेज पर लोन न मिलने की समस्या पर चर्चा हुई। एमडी ने आश्वासन दिया कि इस पर भी सकारात्मक पहल की जाएगी। पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने लघु व्यापारियों तक केंद्र की योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। सह सचिव नवजोत अलंग के प्रश्न पर एमडी ने कहा कि चेक क्लोनिंग की स्थिति में ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होती, यह बैंक की जवाबदेही है। उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने सुझाव दिया कि ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों को अपने साइबर सिक्योरिटी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना चाहिए। बैठक के अंत में रांची जोनल मैनेजर राजेश शरण ने झारखण्ड चैंबर के साथ निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के उपरांत बैंक के एमडी अपने अधिकारियों के साथ चैंबर भवन भी पहुँचे जहाँ उन्होंने चैंबर के इंफ्रास्ट्रक्चर और 60 वर्षों की गौरवशाली यात्रा की सराहना की।

महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि इंडियन बैंक के शीर्ष नेतृत्व द्वारा झारखण्ड चैंबर के साथ संवाद स्थापित करना राज्य के उद्योग, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र के लिए सकारात्मक पहल है। एमएसएमई, कृषि एवं रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े सुझावों पर बैंक की तत्परता यह दर्शाती है कि बैंकिंग सेक्टर अब उद्योगों के साथ साझेदारी के रूप में आगे बढ़ना चाहता है। चैंबर को विश्वास है कि आज की बैठक के बाद राज्य में इंडियन बैंक की पहुंच और प्रभाव दोनों और अधिक सशक्त होंगे।

बैठक में चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया एवं राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार एवं नवजोत अलंग, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य विकास मोदी, पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेड़ी, रंजीत टिबड़ेवाल, रंजीत गाड़ोदिया, धीरज तनेजा, किशोर मंत्री, तथा बैंकिंग उप समिति के चेयरमैन महेंद्र जैन एवं शशांक भारद्वाज उपस्थित थे।

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