कृषि एवं वनोपज से किसानों की आय में वृद्धि करने के आपार संभावनाएं:डीडीसी
खूंटी: उप विकास आयुक्त नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के द्वारा सहकारिता के माध्यम से कृषि और वन उपज के द्वारा आजीविका संवर्धन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आज खूंटी जिले के आदर्श बालिका विद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ उप-विकास आयुक्त नितीश कुमार सिंह व पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप-विकास आयुक्त श्री नितीश कुमार सिंह(भा. प्र. से.)ने कहा कि कृषि एवं वनोपज से किसानों की आय में वृद्धि करने के आपार संभावनाए है। सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं वनोपज के व्यापार से ठेकेदारी प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त कराना है। राज्य के ग्रामीणों इलाकों में बिचैलिये इतने सक्रिय हैं कि आज ग्रामीणों को उनके कृषि एवं वनोपज उत्पादों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों को उनके द्वारा उत्पादित एवं संग्रहित उत्पादों का उचित पारिश्रमिक दिलवाना, कृषि एवं वनोपज का उत्पादन, संकलन, प्रसंस्करण, अनुसंधान तथा विकास की विभिन्न गतिविधियों को सहकारी आधार पर संगठित करना, क्रय-विक्रय एवं वितरण की ऐसी व्यवस्था करना जिससे कि सदस्यों को सर्वोत्तम लाभ मिले।
वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री कुलदीप सिंह (भ. व. से.) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कृषि एवं वनोपज के बेहतर ब्रांडिंग की जरुरत पर जोर दिया, जिससे उत्पादों को ना सिर्फ नए बाजार उपलब्ध होंगे अपितु उत्पादकों को सही कीमत भी मिलेगी। वनोपजके बेहतर प्रबंधन से वनों पर आश्रित समुदाय के जीवन में आर्थिक सबलता आएगी और नए रोजगार व पूंजी का निर्माण होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को मूल्यसंवर्धन, प्रसंस्करण, मार्केटिंग, भण्डारण आदि विषयों पर तकनीकि प्रशिक्षण राज्य स्तरीय संघ के द्वारा दिया जायेगा। उन्होंने खूंटी जिले में उपलब्ध वन क्षेत्र के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि लैम्प्स, पैक्स के पुनुरुथान के लिये सरकार कदम उठा रही है और सभी किसानों को लैम्प्स के सदस्य बन कर एकजुट होना चाहिए।
जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री ऐजी कुजूर ने लैम्प्स के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि महासंघ एक त्रिस्तरीय संगठन है। राज्य स्तर से तकनीकी प्रशिक्षण, ब्रांडिंग , विपणन का कार्य किया जाएगा। जिला संघ अपने क्षेत्र में उपलब्ध उत्पादों का प्रसंस्करण एवं मूल्यसंवर्धन का कार्य करेगी। उन्होंने सभी लैम्प्स,पैक्स को जिला संघ से जुड़ने और सदस्य बनने के लिए प्रोत्साहित भी किया। पैक्स, लैम्पस बुनियादी संस्था है जो जिले के सभी किसानों एवं वन संग्रहकांे को सदस्य बनाएगी एवं उत्पादों की खरीदकरेगी। उन्होंने सहकारिता के महत्व पर जोर डालते हुए कहा कि सहकारी संस्थाओ के मजबूत होने से ग्रामीण विकास को गति मिलती है।
राज्य प्रबंधन टीम के द्वारा ऑडियो-विसुअल के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने सहकारी संस्थायों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया और प्रेजेंटेशन के द्वारा उन्हें सिधकोफेड के गठन , संघ के उद्देश्य और महासंघ में लैम्प्स की भूमिका से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में उप-विकास आयुक्त श्री नितीश कुमार सिंह (भा. प्र. से.), वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री कुलदीप सिंह (भ. व. से.), जिला कृषि पदाधिकारी श्री संतोष लकड़ा , जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री ऐजी कुजूर,सहायक निबंधक श्री रितु राज, सिधकोफेड पीएमयू टीम एवं सभी लैम्प्स और विशेष समितियों के सदस्य उपस्थित थे।

