सहयोग लिया तो राज्यसभा दो,……
रांचीः झारखंड में एक तरफ ब्यूरोक्रेसी के साथ सरकार की भी खदान मामले में लपेटे में है। इसमें हर दिन नया डेवलपमेंट भी हो रहा है। आइएएस अफसर के खिलाफ ईडी की कार्रवाई चल रही है। तो दूसरी तरफ सीएम की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। चुनाव आयोग ने खदान लीज मामले में सीएम को और 10 दिन की मोहलत दी है। ऐसे में कांग्रेस ने भी पत्ता फेंक दिया है। कांग्रेस की नजर राज्यसभा सीट पर है। इसकी वजह यह है कि सात जुलाई को राज्यसभा की दोनों सीटें खाली हो रही हैं। जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने सहयोग के बदले राज्यसभा सीट की मांग की है। इसका खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल के ट्वीट से हुआ है। बाबूलाल ने किसी का नाम न लेते हुए ट्वीट किया है। इस ट्वीट के बाद सत्ता के गलियारों में हलचल मच गई है। बाबूलाल ने ट्वीट कर कहा है कि चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को भ्रष्टाचार से उत्पन्न संकट से कुछ दिनों तक जीवन दान दिलाने की क़ानूनी सहायता के बदले एक बाहरी नामी व्यक्ति ने राज्य सभा सीट की माँग कर दी है। सत्ता के गलियारों में इस ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल को लेकर सत्ता के गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि कपिल सिब्बल झारखंड से महागठबंधन की ओर से राज्यसभा के उम्मीदवार होंगे। इसके बदले वे कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे। हालांकि इस बात की पुष्टि अब तक नहीं हुई है। सिर्फ अगर मगर, किंतु परंतु में बातें सामने आ रही हैं। बताते चलें कि कपिल सिब्बल 31 मार्च को राज्यसभा से रिटायर हुए हैं।

