मैंने आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ी है, मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है :धान
रांची : मैंने आदिवासियों की लड़ाई लड़ी है और इस लड़ाई में मुझे साजिश के तहत राजनीतिक उद्देश्य से फंसाने की कोशिश की जा रही है. मुझे चुनाव से पहले तंग किया जा रहा है. जबकि मैं मांडर से एक निर्दलीय प्रत्याशी हूं और मेरे पक्ष में पूरा मांडर वोट करने के लिए उत्साहित है. यह बातें मांडर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी देव कुमार धान ने शनिवार को कहा. उन्होंने कहा कि मांडर की जनता मेरे साथ है. यह चीजें विपक्षियों को हजम नहीं हो रही है. जिसके कारण वह कई हथकंडे अपना रहे हैं. पहले मुझे सभा करने से रोकने की भरपूर कोशिश की गई. लेकिन सभा की अनुमति मुझे मिली. और अब विपक्षी पार्टियां हल्ला मचाकर मुझे फंसाने की कौशिश में एकजुट हो गई है. श्री धान ने कहा कि हमने हमेशा संविधान के तहत चलने का प्रयास किया है. और हम संविधान को मानने वाले लोग कभी शांति भंग करने का काम नहीं करते हैं. 19 जून को भी मांडर के चारो मैदान में आयोजित सभा शांतिपूर्ण ढंग से होगी. इस सभा में राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. हम राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइन का पालन कर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन यह बातें विपक्षियों को हजम नहीं हो रही है. ऐसे वक्त में जब चुनाव होने हैं, उस वक्त मेरे उपर गैर जमानती वारंट जारी करना यह न्याय उचित नहीं लगता है. क्योंकि प्रत्याशी को चुनाव के दौरान प्रचार – प्रसार करनी पड़ती है और वारंट जारी करने से प्रचार – प्रसार में कहीं ना कहीं बाधा डालने की बड़ी साजिश रची गई है. जिसे मांडर की जनता नाकाम करेगी. मांडर की जनता 23 जून को टेंपो छाप पर वोट करके एक नया मिसाल कायम करेगी. हम मांडर को विकसित और शांतिप्रिय क्षेत्र बनाएंगे यह हमारा वादा है.
बंधु तिर्की की बेटी जीती तो, क्रांतिकारी वीर बुधु भगत का अस्तित्व होगा खतरे में :धान
क्रांतिकारी वीर बुधु भगत के गांव सिलागाई में 51 एकड़ 50 डिसमिल जमीन वीर बुधु भगत स्मारक स्थल के रूप में हैं. और इस स्मारक स्थल पर बंधु तिर्की द्वारा एकलव्य विद्यालय का निर्माण कर वीर बुधु भगत की पहचान को मिटाने की साजिश की गई थी. जिसका पूर्व मंत्री और मांडर से निर्दलीय प्रत्याशी देव कुमार धान के साथ हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध व्यक्त किया था, धान ने कहा कि क्रांतिकारी वीर बुधु भगत के स्मारक पर एकलव्य विद्यालय के निर्माण से वीर बुधु भगत की पहचान को मिटाना था, जिसका मैंने और झारखंड की हजारों जनता ने 6 माह तक विरोध किया था. अगर इस बार बंधु तिर्की की बेटी नेहा तिर्की मांडर जीत जाएगी तो, वीर बुधु भगत की पहचान पर बड़ा खतरा होगा. मांडर की जनता को तय करना है कि वह वीर बुधु भगत के साथ खड़ी है या फिर उसके अस्तित्व को मिटाने वालों लोगों के साथ खड़ी है. श्री धान ने कहा कि वीर बुधु भगत के स्मारक स्थल की 51एकड़ 50 डिसमिल जमीन को बचाने के लिए हमने लड़ाई लड़ी और बंधु तिर्की ने प्रशासन पर दबाव डालकर मेरे ऊपर और सैकड़ों लोगों के ऊपर मुकदमा दायर करवाया है. इस मामले में मेरे ऊपर गैर जमानती वारंट चुनाव से पूर्व जारी किया गया है. यह वारेंट पूरी तरह मेरे उपर साजिश के तहत जारी किया गया है.

