18 मार्च बुधवार का राशिफल एवं पंचांग,पढ़िए आज आपके भाग्य में क्या है

मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।ख़ुद को परिष्कृत करने की कोशिश कई तरीक़ों से अपना असर दिखाएगी- आप ख़ुद को बेहतर और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। अपने जीवनसाथी केे साथ धन से जुड़े किसी मामले को लेकर आज आपका झगड़ा हो सकता है। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप सबकुछ ठीक कर देंगे। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। अपने प्रिय को नज़रअंदाज़ करना घर पर तनाव का कारण बन सकता है। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। अंजान लोगों से बात करना ठीक है लेकिन उनकी विश्वसनियता जाने बिना उनको अपने जीवन की बातें बताकर आप अपना वक्त ही जाया करेंगे और कुछ नहीं। आपके जीवनसाथी की बेरुख़ी दिन भर आपको उदास रख सकती है।* उपाय :- मंगल रूद्र रूप है, इसलिए भगवान शिव का कोई भी मंत्र पढ़ते रहने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे।*
वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।खाते-पीते वक़्त सावधान रहें। लापरवाही बीमारी की वजह बन सकती है। आपके माता पिता आपकी फिजूलखर्ची को देखकर आज चिंतित हो सकते हैं और इसलिए आपको उनके गुस्से का शिकार भी होना पड़ सकता है। घर पर कोशिश करें कि कोई आपकी वजह से आहत न हो और परिवार की ज़रूरतों के मुताबिक़ ख़ुद को ढालें। आपके प्रिय/जीवनसाथी का फ़ोन आपका दिन बना देगा। काम को मनोरंजन के साथ न मिलाएँ। आपके घर का कोई करीबी शख्स आज आपके साथ वक्त बिताने की बात कहेगा लेकिन आपके पास उनके लिए वक्त नहीं होगा जिसकी वजह से उनको तो बुरा लगेगा ही आपको भी बुरा लगेगा। यह दिन आपके जीवनसाथी के रूमानी पहलू को भरपूर तरीक़े से दिखाएगा।* उपाय :- पानी के प्याऊ की स्थापना करना नौकरी/बिज़नेस के लिए अच्छा है।मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।मानसिक शान्ति के लिए किसी दान-पुण्य के काम में सहभागिता करें। व्यापाार में मुनाफा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। अपने परिवार को पर्याप्त समय दें। उन्हें महसूस होने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। उनके साथ अच्छा वक़्त बिताएँ और शिकायत करने का मौक़ा न दें। आज के इस ख़बसूरत दिन प्रेम-संबंध में आपकी सभी शिकायतें ग़ायब हो जाएंगी। नई चीज़ों को सीखने की आपकी ललक क़ाबिल-ए-तारीफ़ है। कर्म-काण्ड/हवन/पूजा-पाठ आदि का आयोजन घर मे होगा। यूँ तो जीवन हमेशा कुछ नया और चौंकाने वाली चीज़ आपके सामने लाता है। लेकिन आज आप अपने जीवनसाथी का एक अनोखा पहलू देखकर ख़ुशी से चौंक जाएंगे। उपाय :- अपने भोजन में से कुछ हिस्सा निकालकर गाय को खिलाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।आपकी सबसे बड़ी पूंजी आपकी हँसने-हँसाने की शैली है, अपनी बीमारी को ठीक करने के लिए इसका उपयोग करके देखें। घर में किसी फंक्शन के होने की वजह से आज आपको बहुत धन खर्च करना पड़ेगा जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। परिवार वालों का हँसी-मज़ाक भरा बर्ताव घर के वातावरण को हल्का-फुल्का और ख़ुशनुमा बना देगा। ज़ाहिर तौर पर रोमांस के लिए पर्याप्त मौक़े हैं- लेकिन ऐसा बहुत कम समय के लिए है। नौकरों और सहकर्मियों से परेशानी होने की संभावना को ख़ारिज नहीं किया जा सकता है। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। यह दिन आपके जीवन में वसंत-काल की तरह है – रोमानी व प्यार से भरा; जहाँ सिर्फ़ आप और आपका जीवनसाथी साथ हों।*
उपाय :- लंगड़े-अपाहिज व्यक्ति की सेवा करने से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।* सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। आज इस राशि के कुछ बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। अपना अतिरिक्त समय निःस्वार्थ सेवा में लगाएँ। यह आपको और आपके परिवार को ख़ुशी और दिली सुकून देगा। सोशल मीडिआ पर अपने प्रिय के पिछले 2-3 संदेश देखिए, आपको एक ख़ूबसूरत ताज्जुब का एहसास होगा। कामकाज के सिलसिले में आपके ऊपर ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। आपको अपने दायरे से बाहर निकलकर ऐसे लोगों से मिलने-जुलने की ज़रूरत है, जो ऊँची जगहों पर हों। बारिश को रोमांस से जुड़ा माना जाता है और आज आप अपने जीवनसाथी के साथ प्यार की बारिश महसूस कर सकते हैं।*
उपाय :- लाल कपड़े में मसूर की दाल रखकर उस पोटली को अपने पास रखने से नौकरी/बिज़नेस में उन्नति होगी।* कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।अपने काम के लिए दूसरों पर दबाव न डालें। दूसरे लोगों की इच्छाओं और दिलचस्पियों पर भी ग़ौर करें, इससे आपको दिली ख़ुशी हासिल होगी। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। अपने प्रिय से कुछ भी तल्ख़ कहने से बचें- नहीं तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। इससे पहले कि वरिष्ठ को पता लगे, लंबित काम जल्दी ही निबटा लें। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। रिश्तेदारों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में परेशानी पैदा कर सकता है।*
उपाय :- ॐ भौमाय नमः इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करने से लव लाइफ ठीक रहेगी।* तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।आपका उदार स्वभाव आज आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। अतिरिक्त धन को रिअल एस्टेट में निवेश किया जा सकता है। आपकी निजी ज़िंदगी के बारे में दोस्तों से आपको अच्छी सलाह मिलेगी। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। साझीदारी की परियोजनाएँ सकारात्मक परिणाम से ज़्यादा परेशानियाँ देंगी। कोई आपका बेजा फ़ायदा उठा सकता है और उसे ऐसा करने देने के लिए आप ख़ुद से ही नाराज़ हो सकते हैं। आप चाहें तो परेशानियों को मुस्कुराकर दरकिनार कर सकते हैं या उनमें फँसकर परेशान हो सकते हैं। चुनाव आपको करना है। असजता की वजह से आप वैवाहिक जीवन में ख़ुद को फँसा हुआ अनुभव कर सकते हैं। आपको ज़रूरत है तो जीवनसाथी के साथ आत्मीय बातचीत की।*
उपाय :- बिज़नेस/नौकरी में तरक्की हेतु प्रातःकाल घर की खिड़कियाँ खुली रखें जिससे सूर्य की धूप प्रवेश कर सके।* वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। अगर आप सूझ-बूझ से काम लें, तो आज अतिरिक्त धन कमा सकते हैं। जिन लोगों से आपकी मुलाक़ात कभी-कभी ही होती है, उनसे बातचीत और संपर्क करने के लिए अच्छा दिन है। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। आपके घर का कोई सदस्य आज आपके साथ वक्त बिताने की जिद्द कर सकता है जिसके कारण आपका कुछ समय खराब हो जाएगा। किसी पड़ोसी, दोस्त या रिश्तेदार की वजह से वैवाहिक जीवन में अनबन मुमकिन है।*
उपाय :- लव लाइफ को बेहतर बनाने के लिए चलते पानी में तांबे का सिक्का बहाए।* धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।बहुत ज़्यादा तनाव और चिंता करने की आदत सेहत को नुक़सान पहुँचा सकती है। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको मुनाफा होगा। आपके जीवनसाथी की सेहत आपको चिंता में डाल सकती है। आज प्रेम-संबंधों में अपने स्वतन्त्र विवेक का इस्तेमाल कीजिए। पैसे बनाने के उन नए विचारों का उपयोग करें, जो आज आपके ज़ेहन में आएँ। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। समय की कमी की वजह से आप दोनो के बीच निराशा या कुंठा के भाव पनप सकते हैं।उपाय :- स्वास्थ्य लाभ के लिए पीला रुमाल जेब में रखें।*
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैसा होगी। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। आज अपने प्रिय को माफ़ करना न भूलें। अगर आप यक़ीन करते हैं कि वक़्त ही पैसा है तो आपको अपनी क्षमताओं को शीर्ष पर पहुँचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने होंगे। अपने घर में बिखरी चीजों को संभालने का आज आप प्लान करेंगे लेकिन आपको इसके लिए आज खाली समय नहीं मिल पाएगा। असजता की वजह से आप वैवाहिक जीवन में ख़ुद को फँसा हुआ अनुभव कर सकते हैं। आपको ज़रूरत है तो जीवनसाथी के साथ आत्मीय बातचीत की।* उपाय :- गणेश जी का कोई चित्र हमेशा अपने पास रखने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत होंगे।*
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आपकी ओर से समर्पित दिल और बहादुरी का जज़्बा आपके जीवन-साथी को ख़ुशी दे सकता है। आर्थिक जीवन में आज खुशहाली रहेगी। इसके साथ ही आप कर्जों से भी आज मुक्त हो सकते हैं। ऐसे लोगों से दूर रहें जिनकी बुरी आदतें आपके ऊपर असर डाल सकती हैं। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। कार्यक्षेत्र में किसी विशेष व्यक्ति से आपकी मिलाक़ात हो सकती है। वक्त की नाजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। ग़लतफ़हमी के लम्बे दौर के बाद इस शाम आपको जीवनसाथी के प्यार का तोहफ़ा नसीब होगा।* उपाय :- सर्पाकार चांदी की अंगूठी धारण करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। आज का दिन ख़ुशियों से भरा रहेगा, क्योंकि आपका जीवन-साथी आपको ख़ुशी देने का हर प्रयास करेगा। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। अगर आप प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनाए रखें, तो अपने करिअर में तरक़्क़ी की ओर बड़ा क़दम लेंगे। बिना किसी पूर्व सूचना के आज आपका कोई रिश्तेदार आपके घर पधार सकता है जिसकी वजह से आपका कीमती समय उनकी खातिरदारी में जाया हो सकता है। कोई पुराना दोस्त अपने साथ आपके जीवनसाथी के पुराने यादगार क़िस्से लेकर आ सकता है।*
उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका को काले-सफेद वस्त्र भेंट में देने से प्रेम सम्बन्धों में मजबूती आएगी।_*
🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞
🌤️ दिनांक – 18 मार्च 2026
🌤️ दिन – बुधवार
🌤️ विक्रम संवत 2082
🌤️ शक संवत -1947
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – वसंत ॠतु
🌤️ मास – चैत्र
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – चतुर्दशी सुबह 08:25 तक तत्पश्चात अमावस्या
🌤️ नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद 19 मार्च प्रातः 05:21 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद
🌤️ योग – शुभ 19 मार्च प्रातः 04:01 तक तत्पश्चात शुक्ल
🌤️राहुकाल – दोपहर 12:45 से दोपहर 02:16 तक
🌤️ सूर्योदय – 05:55
🌤️ सूर्यास्त – 05:57
👉 दिशाशूल – उत्तर दिशा मे
🚩 व्रत पर्व विवरण- दर्श अमावस्या
💥 विशेष – चतुर्दशी एवं अमावस्या व व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

👉🏻 चैत्र नवरात्र मे घट स्थापना कब करे और शुभ मुहूर्त संपूर्ण जानकारी⤵️

🌷 नवरात्रि पूजन विधि 🌷
19 मार्च 2026 गुरुवार से चैत्री-वासंती नवरात्रि प्रारंभ ।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कुष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी, श्री सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रातःकाल शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।
कलश / घट स्थापना विधि
🌷 घट स्थापना शुभ मुहूर्त (सुरत – गुजरात) :
19 मार्च 2026 गुरुवार को सुबह 06:52 से सुबह 08:06 तक
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:22 से दोपहर 01:11 तक
🙏🏻 देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सर्वप्रथम कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना । कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।
🌷 सामग्री:
👉🏻 जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र
👉🏻 जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी
👉🏻 पात्र में बोने के लिए जौ
👉🏻 घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात ‘कलश’ सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )
👉🏻 कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल
👉🏻 मौली
👉🏻 इत्र
👉🏻 साबुत सुपारी
👉🏻 दूर्वा
👉🏻 कलश में रखने के लिए कुछ सिक्के
👉🏻 पंचरत्न
👉🏻 अशोक या आम के 5 पत्ते
👉🏻 कलश ढकने के लिए ढक्कन
👉🏻 ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल
👉🏻 पानी वाला नारियल
👉🏻 नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा
👉🏻 फूल माला
🌷 विधि
🙏🏻 सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।
🙏🏻 नारियल पर लाल कपडा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है: “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय,ऊर्ध्वस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय,तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीकेलं”। अर्थात् नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।
🙏🏻 अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। “हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।” अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।
🌷 कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर सुन्दर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें “हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।” उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।
🙏🏻 नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे “चावल” रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा “सप्तधान्य” रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है
🙏🏻 माता की पूजा “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है
🙏🏻 नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।
🙏🏻 नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।
🙏🏻 लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नवरात्रि में पान और गुलाब की ७ पंखुरियां रखें तथा मां भगवती को अर्पित कर दें
🙏🏻 मां दुर्गा को प्रतिदिन विशेष भोग लगाया जाता है। किस दिन किस चीज़ का भोग लगाना है ये हम विस्तार में आगे बताएँगे।
🙏🏻 प्रतिदिन कन्याओं का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “एकैकां पूजयेत् कन्यामेकवृद्ध्या तथैव च। द्विगुणं त्रिगुणं वापि प्रत्येकं नवकन्तु वा॥” अर्थात नित्य ही एक कुमारी का पूजन करें अथवा प्रतिदिन एक-एक-कुमारी की संख्या के वृद्धिक्रम से पूजन करें अथवा प्रतिदिन दुगुने-तिगुने के वृद्धिक्रम से और या तो प्रत्येक दिन नौ कुमारी कन्याओं का पूजन करें।
🙏🏻 यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि पर्यन्त प्रतिदिन पूजा करने में असमर्थ हैं तो उसे अष्टमी तिथि को विशेष रूप से अवश्य पूजा करनी चाहिए। प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।

          *~  पंचांग ~* 

🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

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